महिला आरक्षण पर उत्तराखंड में सियासी घमासान: भाजपा का विपक्ष के खिलाफ व्यापक अभियान, हर स्तर पर निंदा प्रस्ताव की तैयारी

देहरादून। उत्तराखंड में महिला आरक्षण के मुद्दे पर राजनीति तेज हो गई है। नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम पारित न होने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विपक्ष को घेरने के लिए बहुस्तरीय रणनीति तैयार की है। पार्टी इस मुद्दे को विधानसभा से लेकर स्थानीय निकायों तक उठाकर व्यापक राजनीतिक दबाव बनाने की तैयारी में है।

मंगलवार को आयोजित विधानसभा के विशेष सत्र में महिला सम्मान विषय पर चर्चा के दौरान भाजपा ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। पार्टी का आरोप है कि विपक्ष ने मातृशक्ति से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक को पारित नहीं होने दिया, जो महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय है। इसी क्रम में भाजपा ने विधानसभा में निंदा प्रस्ताव लाने की रणनीति बनाई है, ताकि इस मुद्दे को राजनीतिक और जनस्तर दोनों पर मजबूती से उठाया जा सके।

स्थानीय निकायों में भी घेराबंदी की तैयारी

भाजपा अब इस मुद्दे को “छोटी सरकारों” तक ले जाने की योजना पर काम कर रही है। इसके तहत राज्य के सभी नगर निगमों की बोर्ड बैठकों में विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया जाएगा। इसके अलावा जिला पंचायतों और क्षेत्र पंचायत (ब्लॉक) स्तर पर भी इसी प्रकार के प्रस्ताव पारित कराने की तैयारी है।

प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि भाजपा मातृशक्ति के सम्मान के मुद्दे पर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी। उन्होंने विपक्ष पर महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी इस मुद्दे को जन-जन तक ले जाएगी।

महिला मोर्चा निकालेगा मशाल जुलूस

विधानसभा के विशेष सत्र के बाद भाजपा महिला मोर्चा की ओर से राजधानी देहरादून में मशाल जुलूस निकाला जाएगा। इस जुलूस में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता शामिल होंगी। जुलूस का उद्देश्य महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष के खिलाफ जनजागरण और विरोध प्रदर्शन करना है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष का प्रस्तावित दौरा

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का देहरादून दौरा अगले महीने प्रस्तावित है। इस दौरान वे संगठनात्मक मजबूती की समीक्षा करेंगे और आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों का जायजा लेंगे। हालांकि दौरे की तिथि अभी तय नहीं हुई है, लेकिन मई के पहले सप्ताह में उनके आने की संभावना जताई जा रही है।

पार्टी ने इस दौरे को ध्यान में रखते हुए संगठन स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं और महिला आरक्षण के मुद्दे को प्रमुख राजनीतिक एजेंडा बनाने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं।

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