केदारनाथ (रुद्रप्रयाग)। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले यात्रा मार्ग को सुगम बनाने के लिए तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। गौरीकुंड से केदारनाथ तक पैदल मार्ग पर जमी बर्फ हटाने का कार्य तेजी से जारी है और अब तक करीब 80 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है।
आगामी 22 अप्रैल को बाबा केदारनाथ के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। ऐसे में प्रशासन, डीडीएमए गुप्तकाशी और लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) द्वारा यात्रा मार्ग को सुरक्षित बनाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। बर्फ हटाने के साथ-साथ मार्ग के पुनर्निर्माण और मरम्मत कार्य भी तेजी से किए जा रहे हैं।
लोनिवि के अधिशासी अभियंता राजबिंद सिंह के अनुसार, गौरीकुंड से केदारनाथ तक का मार्ग अब आवाजाही के लिए लगभग तैयार हो चुका है। थारू, लिनचोली, हथनी, भैरव और कुबेर ग्लेशियर क्षेत्रों में 5 से 6 फीट तक जमी बर्फ हटाई जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि धूप निकलने के बाद ऊपरी हिस्सों से ग्लेशियर टूटकर मार्ग पर आने का खतरा बना रहता है। इसको देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और उनकी निगरानी में श्रमिक लगातार कार्य कर रहे हैं।
मार्ग पर रेलिंग की मरम्मत, डेंट-पेंट और रैन शेल्टर जैसे आवश्यक कार्य भी लगभग पूरे कर लिए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष बेमौसमी बर्फबारी के कारण कार्य में चुनौतियां आईं, लेकिन टीम लगातार जुटी हुई है।
प्रशासन का कहना है कि कपाट खुलने से पहले सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाएंगी, ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम मार्ग उपलब्ध कराया जा सके।