रुद्रप्रयाग। विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। परंपराओं के तहत भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल उत्सव विग्रह डोली का प्रस्थान शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ से विधिवत रूप से कर दिया गया है।
रविवार सुबह वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और पारंपरिक विधि-विधान के बीच डोली ने धाम के लिए प्रस्थान किया। इस दौरान मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस पावन अवसर के साक्षी बने और पुष्प वर्षा कर बाबा केदार का आशीर्वाद लिया।
ओंकारेश्वर मंदिर को इस मौके पर भव्य रूप से सजाया गया था। मंदिर परिसर को करीब आठ कुंतल फूलों से सजाया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और आकर्षक दिखाई दिया। डोली के साथ कई श्रद्धालु पैदल यात्रा पर भी निकल पड़े हैं।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, डोली ऊखीमठ से गुप्तकाशी पहुंचेगी, जहां विश्वनाथ मंदिर में विश्राम और दर्शन के बाद फाटा के लिए प्रस्थान करेगी। फाटा में रात्रि विश्राम के पश्चात 20 अप्रैल को डोली गौरीकुंड स्थित गौरीमाई मंदिर पहुंचेगी।
इसके बाद 21 अप्रैल को डोली गौरीकुंड से केदारनाथ धाम के लिए प्रस्थान कर मंदिर भंडार पहुंचेगी। 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे।
कपाट खुलने के साथ ही विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो जाएगा। यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन, पुलिस और मंदिर समिति द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।