हरिद्वार। राजाजी टाइगर रिजर्व के कोर जोन में स्थित मां सुरेश्वरी देवी मंदिर में कैबिनेट मंत्री खजान दास के बेटे की शादी को लेकर विवाद गहरा गया है। शादी की तैयारियों से जुड़ी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग ने सख्ती दिखाते हुए मंदिर समिति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही ड्यूटी पर तैनात वन कर्मियों से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जानकारी के अनुसार, शनिवार को मंत्री के बेटे के विवाह की तैयारियां मंदिर परिसर में शुरू हुई थीं। इस दौरान पंडाल, कुर्सियां, खाना बनाने के उपकरण, कूलर और जनरेटर जैसे सामान वहां लाए गए, जबकि टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियों पर प्रतिबंध है।
मामला सामने आने के बाद रविवार को वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पंडाल सहित अस्थायी ढांचे को हटवा दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संरक्षित क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण या प्रतिबंधित सामग्री ले जाना नियमों के खिलाफ है।
राजाजी टाइगर रिजर्व के प्रभारी निदेशक राजीव धीमान ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पार्क वार्डन को निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लेकर रिपोर्ट सौंपी जाए। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वार्डन अजय लिंगवाल ने बताया कि मंदिर समिति द्वारा केवल भंडारे की अनुमति ली गई थी। जैसे ही प्रतिबंधित सामग्री की सूचना मिली, उसे तुरंत हटवा दिया गया। साथ ही मंदिर समिति के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
वहीं, कैबिनेट मंत्री खजान दास ने कहा कि शादी के लिए विधिवत अनुमति ली गई थी और कार्यक्रम सादगी के साथ आयोजित किया गया। उन्होंने किसी भी नियम के उल्लंघन से इनकार किया है।
मंदिर समिति के सदस्य आशीष मारवाड़ी ने भी दावा किया कि विवाह समारोह परंपरागत तरीके से हुआ और परिसर में भंडारा आयोजित किया गया, जो सामान्य धार्मिक गतिविधि का हिस्सा है।
फिलहाल, वन विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।