ऑनलाइन रिश्तों के नाम पर ठगी का नया ट्रेंड
डिजिटल दौर में जहां लोगों के बीच दूरी कम हुई है, वहीं साइबर अपराधियों के लिए नए रास्ते भी खुल गए हैं। हाल ही में सामने आए मामलों में यह खुलासा हुआ है कि ऑनलाइन शुरू होने वाली प्रेम संबंधों की बातचीत कई बार ब्लैकमेलिंग और पैसों की उगाही में बदल जाती है। “आई लव यू” से शुरू होने वाला यह रोमांस स्कैम अब एक संगठित अपराध का रूप ले चुका है।
इस खतरे को देखते हुए उत्तराखंड एसटीएफ ने आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
फर्जी पहचान से बनाते हैं शिकार
साइबर ठग पहले फर्जी प्रोफाइल बनाकर डेटिंग ऐप्स और मैट्रिमोनियल साइट्स पर लोगों से संपर्क करते हैं। शुरुआत में वे मीठी बातें कर भरोसा जीतते हैं और धीरे-धीरे सामने वाले को भावनात्मक रूप से जोड़ लेते हैं।
जब पीड़ित पूरी तरह से भरोसा करने लगता है, तब ठग निजी जानकारी, फोटो या वीडियो हासिल कर लेते हैं और यहीं से ब्लैकमेलिंग का सिलसिला शुरू हो जाता है।
हनी ट्रैप के जरिए वसूली
अपराधी कई बार खुद को एनआरआई, आर्मी अधिकारी या सफल व्यवसायी बताकर विश्वास जीतते हैं। हालिया मामलों में महिलाओं को हनी ट्रैप में फंसाकर उनसे बड़ी रकम वसूली गई। यह साफ संकेत है कि यह कोई सामान्य घटना नहीं बल्कि सुनियोजित साइबर गिरोह का काम है।
बचाव के लिए जरूरी सावधानियां
- किसी भी अनजान व्यक्ति पर तुरंत भरोसा न करें
- निजी फोटो, वीडियो या संवेदनशील जानकारी साझा न करें
- भावनात्मक दबाव या पैसों की मांग को तुरंत खतरे का संकेत मानें
- संदेह होने पर तुरंत बातचीत बंद कर दें
शिकायत के लिए हेल्पलाइन
अगर आप या आपका कोई परिचित इस तरह के स्कैम का शिकार होता है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
STF की अपील
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हर कनेक्शन सुरक्षित नहीं होता। ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।