देहरादून: उत्तराखंड में चुनाव आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की शुरुआत आठ जून 2026 से की जाएगी। इस अभियान के तहत राज्यभर में मतदाता सूची का सत्यापन और पुनरीक्षण किया जाएगा। निर्वाचन विभाग ने इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं और 15 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी करने का लक्ष्य तय किया गया है।
सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि राज्य में एक जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर एसआईआर प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। इसके लिए 29 मई से सात जून तक गणना प्रपत्रों की छपाई और कर्मचारियों के प्रशिक्षण का कार्य किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि आठ जून से सात जुलाई तक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराएंगे। बीएलओ मतदाताओं से प्रपत्र भरवाकर उन्हें वापस जमा भी करेंगे। इस दौरान मतदाता सूची में दर्ज जानकारियों का सत्यापन किया जाएगा।
14 जुलाई को प्रकाशित होगा ड्राफ्ट रोल
निर्वाचन विभाग के अनुसार 14 जुलाई को मतदाता सूची का ड्राफ्ट रोल प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया चलेगी। जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट रोल से हटाए जाएंगे, उन्हें 10 जुलाई से 11 सितंबर तक नोटिस जारी किए जाएंगे और उनकी आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा।
सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 15 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
87 प्रतिशत बीएलओ मैपिंग पूरी
चुनाव आयोग के मुताबिक प्रदेश में प्री-एसआईआर गतिविधियों के तहत अब तक 84 लाख मतदाताओं में से लगभग 87 प्रतिशत मतदाताओं की 2003 की मतदाता सूची के सापेक्ष बीएलओ मैपिंग पूरी हो चुकी है। राज्य में वर्तमान में 11,733 मतदान केंद्र हैं, जिनके लिए विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा 21,808 बीएलए-2 नियुक्त किए गए हैं।
प्रेसवार्ता में सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास और सूचना नोडल अधिकारी रवि बिजारनिया भी मौजूद रहे।
ऐसे पूरी होगी एसआईआर प्रक्रिया
निर्वाचन विभाग के अनुसार जिन मतदाताओं के नाम वर्तमान वोटर लिस्ट में दर्ज हैं, उनके घर बीएलओ गणना प्रपत्र लेकर पहुंचेंगे। बीएलओ इस कार्य के लिए अधिकतम तीन बार मतदाता के घर जाएंगे।
गणना प्रपत्र में मतदाता की वर्तमान वोटर सूची से जुड़ी जानकारी पहले से अंकित होगी। मतदाता को इसमें वर्ष 2003 की मतदाता सूची से संबंधित जानकारी भरनी होगी और अपनी नवीन फोटो लगाकर प्रपत्र वापस बीएलओ को जमा करना होगा। इसकी एक प्रति मतदाता अपने पास भी रख सकेगा।
निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के अतिरिक्त दस्तावेज जमा कराने की आवश्यकता नहीं होगी।