देहरादून। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) से गुरुवार को लोक भवन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान राज्य की विभिन्न विकासात्मक योजनाओं, समसामयिक मुद्दों और प्रशासनिक विषयों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री धामी ने राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी राज्यपाल को दी।
मुलाकात के दौरान प्रदेश में बुनियादी ढांचे, पर्यटन, स्वास्थ्य और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ। राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच राज्य के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन
इसी बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने भी राज्यपाल गुरमीत सिंह से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश की कानून व्यवस्था, बढ़ते अपराध और नर्सिंग अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और आम जनता का भरोसा कमजोर हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में लगातार आपराधिक घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार प्रभावी कार्रवाई करने में विफल साबित हो रही है।
भाजपा विधायक के आरोपों का भी किया जिक्र
कांग्रेस नेताओं ने भाजपा विधायक अरविंद पांडेय द्वारा अपनी ही सरकार पर लगाए गए षड्यंत्र के आरोपों का भी मुद्दा उठाया। कांग्रेस का कहना है कि जब सत्ताधारी दल का विधायक ही खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है, तो आम लोगों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। प्रतिनिधिमंडल ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की।
चंपावत और पौड़ी की घटनाओं पर जताई चिंता
ज्ञापन में कांग्रेस ने चंपावत जिले में नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले का भी उल्लेख किया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मामले की निष्पक्ष जांच करने के बजाय घटना को निराधार बताने का प्रयास किया गया।
इसके अलावा पौड़ी जिले के रैतपुर गांव में एक युवक द्वारा कथित पुलिस प्रताड़ना से आत्महत्या करने के मामले को भी गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
नर्सिंग अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर सरकार पर सवाल
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि नर्सिंग अभ्यर्थी पिछले कई महीनों से वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों के समाधान को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही है। कांग्रेस ने राज्यपाल से इन मामलों में हस्तक्षेप कर सरकार को निष्पक्ष कार्रवाई और जांच के निर्देश देने की मांग की है।