उत्तराखंड में लगातार बढ़ रही गर्मी और तेज धूप लोगों की सेहत पर असर डाल रही है। राज्य में बड़ी संख्या में लोग डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी की समस्या से जूझ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर में पानी की कमी होने पर डॉक्टर से पहले हमारा मस्तिष्क संकेत देना शुरू कर देता है। यदि इन संकेतों को समय रहते नहीं समझा गया तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार शरीर में पानी का स्तर कम होते ही मस्तिष्क का हाइपोथैलेमस हिस्सा सक्रिय हो जाता है। यह एंटीडाययूरेटिक हार्मोन (एडीएच) को सक्रिय कर शरीर को पानी बचाने का संकेत देता है। इसी कारण व्यक्ति को बार-बार प्यास लगने लगती है और किडनी पेशाब की मात्रा कम कर देती है ताकि शरीर में पानी की कमी को रोका जा सके।
दून अस्पताल में बढ़ रहे डिहाइड्रेशन के मामले
तेज गर्मी और धूप के कारण दून अस्पताल में हर दिन डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अस्पताल में प्रतिदिन करीब 35 मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। पिछले 10 दिनों में यह आंकड़ा लगातार बढ़ा है।
दून अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. विजय भंडारी के मुताबिक मानव शरीर लगभग 60 से 70 प्रतिशत पानी से बना होता है। पानी शरीर के अंगों, मांसपेशियों, कोशिकाओं और मस्तिष्क के सुचारु संचालन के लिए बेहद जरूरी है। शरीर में पानी की कमी होने पर रक्त गाढ़ा होने लगता है, जिससे हृदय को रक्त पंप करने में अधिक मेहनत करनी पड़ती है।
दिल की धड़कन तेज, चक्कर और कमजोरी जैसे लक्षण
डिहाइड्रेशन बढ़ने पर शरीर में कमजोरी, चक्कर आना, लो ब्लड प्रेशर और दिल की धड़कन तेज होने जैसी समस्याएं सामने आने लगती हैं। चिकित्सकों के अनुसार बार-बार प्यास लगना और पेशाब का रंग पीला होना शरीर में पानी की कमी के शुरुआती संकेत हैं।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि मस्तिष्क के इन संकेतों को नजरअंदाज किया गया तो गंभीर डिहाइड्रेशन की स्थिति पैदा हो सकती है। इससे शरीर और मस्तिष्क तक ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित होती है, जिससे बेहोशी और शॉक जैसी गंभीर स्थितियां भी बन सकती हैं।
दूषित पानी से बढ़ रहा पीलिया का खतरा
गर्मी के मौसम में दूषित पानी और बाहर के खाने की वजह से पीलिया के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। दून अस्पताल में हर रोज 10 से 12 मरीज पीलिया की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
डॉ. भंडारी के अनुसार पीलिया के मरीजों में तेज बुखार, उल्टी, कमजोरी और शरीर में पीलापन जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से साफ पानी पीने और ताजा भोजन खाने की अपील की है।
बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय
- प्रतिदिन दो से तीन लीटर पानी जरूर पीएं
- ताजा और स्वच्छ भोजन का सेवन करें
- तेज धूप में बाहर निकलने से बचें
- बाहर के खुले और दूषित खाने से परहेज करें
- ओआरएस, नींबू पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाएं
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें