हल्द्वानी:
उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर में ई-रिक्शा में सफर कर रही महिलाओं को निशाना बनाकर मंगलसूत्र चोरी करने वाली एक शातिर महिला को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला लाचार और मासूम बनने का नाटक कर महिलाओं के पास बैठती थी और मौका मिलते ही उनके गले से मंगलसूत्र चोरी कर फरार हो जाती थी।
पुलिस के मुताबिक, मथुरा निवासी मुस्कान लंबे समय से इस तरह की टप्पेबाजी की घटनाओं को अंजाम दे रही थी। वह ई-रिक्शा में गोद में बच्चे को लेकर सवार होती थी और खुद को बेबस दिखाकर महिलाओं का विश्वास जीतती थी। इसके बाद वह उनके बिल्कुल करीब बैठ जाती और सही मौका देखकर उनका मंगलसूत्र काट लेती थी।
दो घटनाओं का हुआ खुलासा
एसपी सिटी मनोज कत्याल ने मंगलवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि फरवरी माह में कोतवाली क्षेत्र निवासी मेघा जोशी और मार्च में मुखानी क्षेत्र की दीपा खड़ायत के मंगलसूत्र चोरी किए गए थे। इन घटनाओं के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम का गठन कर जांच शुरू की।
सीसीटीवी फुटेज से हुई पहचान
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थलों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के आधार पर आरोपी महिला की पहचान मुस्कान के रूप में हुई। इसके बाद 27 अप्रैल को पुलिस ने उसे हल्द्वानी रोडवेज स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने दोनों वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है।
वारदात का तरीका बेहद शातिर
पुलिस जांच में सामने आया कि मुस्कान खासतौर पर ई-रिक्शा में बैठी महिलाओं को निशाना बनाती थी। गोद में बच्चे को लेकर वह खुद को लाचार दिखाती, जिससे कोई उस पर शक न करे। इसके बाद वह महिलाओं के गले से मंगलसूत्र काटकर आसानी से मौके से फरार हो जाती थी।
पति पर दर्ज हैं कई आपराधिक मामले
पुलिस ने बताया कि मुस्कान का पति भी शातिर अपराधी है, जिस पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हो चुकी है। आगरा में उसके खिलाफ चेन स्नैचिंग, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट समेत छह आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
बताया जा रहा है कि मुस्कान अपने पति और बच्चे के साथ स्कॉर्पियो वाहन से हल्द्वानी आती थी और वारदात को अंजाम देने के बाद वापस लौट जाती थी।
जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उसने अन्य किन-किन स्थानों पर इस तरह की वारदातों को अंजाम दिया है। साथ ही उसके नेटवर्क और अन्य संभावित साथियों की भी जांच की जा रही है।