देहरादून। उत्तराखंड एसटीएफ की साइबर क्राइम टीम ने निवेश पर भारी मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के एक और सदस्य को गिरफ्तार किया है। टीम ने राजस्थान के झुंझुनूं जिले से आरोपी रिंकू (22) को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी बरामद किए गए हैं।
एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि श्रीनगर, पौड़ी गढ़वाल निवासी एक व्यक्ति ने साइबर क्राइम थाना देहरादून में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार अक्तूबर से दिसंबर 2025 के बीच पीड़ित को “71 वेल्थ इनहैंसमेंट” नामक व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा गया। ग्रुप में मौजूद लोगों ने प्रतिदिन पांच प्रतिशत से अधिक मुनाफा कमाने का लालच दिया।
आरोपियों ने पीड़ित को एक फर्जी लिंक के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कराया और अलग-अलग बैंक खातों व यूपीआई के जरिए करीब 1.32 करोड़ रुपये निवेश करा लिए। कुछ समय बाद जब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ तो उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की जांच के दौरान एसटीएफ ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और व्हाट्सएप डेटा का विश्लेषण किया। जांच में पता चला कि गिरोह के तीन सदस्य महाराष्ट्र निवासी हैं, जो किसी अन्य मामले में पटियाला जेल में बंद थे। उन्हें वारंट पर देहरादून लाकर जेल भेजा गया। वहीं गिरोह के एक अन्य सदस्य अरवाज सैफी को पहले ही गाजियाबाद से गिरफ्तार किया जा चुका है।
एसटीएफ के अनुसार गिरफ्तार आरोपी रिंकू के बैंक खाते में ठगी की रकम में से दो लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। आरोपी ने यह रकम सेल्फ चेक के जरिए निकाली थी। जांच में यह भी सामने आया है कि रिंकू के बैंक खाते से देश के विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी की 16 शिकायतें जुड़ी हुई हैं।
एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान निवेश योजना या ऑनलाइन लिंक पर भरोसा न करें। साथ ही बैंक खाते, एटीएम, ओटीपी और यूपीआई पिन जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।