देहरादून। नगर निगम देहरादून की बोर्ड बैठक बुधवार को हंगामे की भेंट चढ़ गई। मेयर सौरभ थपलियाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में भाजपा और कांग्रेस पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक और विरोध-प्रदर्शन के चलते सदन की कार्यवाही बाधित रही। हालात ऐसे बने कि 82 प्रस्तावों में से केवल आठ प्रस्तावों पर ही चर्चा हो सकी, जबकि महज तीन प्रस्ताव ही पारित किए जा सके। अंततः शाम पांच बजे बैठक को बृहस्पतिवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
बैठक शुरू होते ही कांग्रेस पार्षद कोमल वोहरा के नेतृत्व में सभी कांग्रेस पार्षद मेयर और नगर आयुक्त के आसन के सामने पहुंच गए। उन्होंने हाल ही में कांग्रेस की रैली के पोस्टर हटाए जाने का विरोध करते हुए जवाब की मांग की। कांग्रेस पार्षदों ने चेतावनी दी कि जब तक उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिलता, वे सदन की कार्यवाही नहीं चलने देंगे।
कांग्रेस पार्षदों के विरोध के जवाब में भाजपा पार्षदों ने भी कड़ा रुख अपनाया, जिससे दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। माहौल इतना गर्म हो गया कि बीच-बचाव के लिए आए भाजपा विधायक बृजभूषण गैरोला भी बहस में उलझ गए। बाद में अन्य पार्षदों के हस्तक्षेप से किसी तरह स्थिति को शांत कराया गया।
हंगामे के बीच जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों पर चर्चा शुरू की गई। विधायक बृजभूषण गैरोला ने शहीद कैप्टन धनीराम के नाम पर किसी चौक या मार्ग का नाम रखने का प्रस्ताव रखा। इसके अलावा विभिन्न वार्डों के पार्षदों—दिनेश केमवाल, अमिता सिंह, रविंद्र गुसाईं, विशाल कुमार, रेनू देवी, कोमल वोहरा और भूपेंद्र कठैत—के प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। हालांकि समय की कमी के चलते अधिक प्रस्तावों पर विचार नहीं हो सका।
वार्डों में समान रूप से तैनात होंगे पर्यावरण मित्र
बैठक में सफाई व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया गया। पार्षद अभिषेक पंत सहित कई पार्षदों ने कहा कि नगर निगम के कई वार्डों में सफाईकर्मियों की संख्या असमान है। कुछ वार्डों में 40 तक कर्मचारी तैनात हैं, जबकि कई जगह 10 भी नहीं हैं।
इस पर सदन ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि वर्तमान में तैनात सभी 2385 पर्यावरण मित्रों को सभी वार्डों में समान रूप से तैनात किया जाएगा। मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खन्ना ने बताया कि 26 मई तक पार्षदों को सूची उपलब्ध करा दी जाएगी और 1 जून से नई व्यवस्था लागू होगी।
किन्नरों की बधाई राशि 5100 रुपये तय
सदन में किन्नरों द्वारा बधाई के नाम पर ली जाने वाली राशि को लेकर भी चर्चा हुई। पार्षद अमिता सिंह ने इसे जनहित का विषय बताते हुए प्रस्ताव रखा। इस पर सभी पार्षदों ने सहमति जताई और सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि अब 5100 रुपये से अधिक बधाई नहीं ली जाएगी।
नगर निगम इस निर्णय का व्यापक प्रचार-प्रसार करेगा और इसके अनुपालन के लिए पुलिस-प्रशासन को भी पत्र भेजेगा।
पर्यावरण मित्रों के मानदेय में वृद्धि
बैठक में पर्यावरण मित्रों के मानदेय को बढ़ाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। मेयर सौरभ थपलियाल ने कहा कि सफाईकर्मी शहर की स्वच्छता की रीढ़ हैं, इसलिए उनके मानदेय में वृद्धि जरूरी है। सदन ने 300 रुपये प्रतिदिन मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से मंजूर कर लिया।
कुल मिलाकर, हंगामे और विरोध के बीच सीमित कार्यवाही ही हो सकी, लेकिन कुछ अहम जनहित से जुड़े फैसले लिए जाना बैठक की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।