देहरादून/रुद्रप्रयाग। चारधाम यात्रा 2026 के दौरान उत्तराखंड के प्रमुख धामों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। केदारनाथ, बदरीनाथ और गंगोत्री धाम में दर्शन के लिए लंबी कतारें लग रही हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड पर है तथा यात्रा को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर सोनप्रयाग से श्रद्धालुओं को पुलिस सुरक्षा के बीच गौरीकुंड के लिए रवाना किया जा रहा है। यात्रा पड़ावों पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को मजबूत किया गया है। शनिवार सुबह से ही पुलिस उपाधीक्षक गुप्तकाशी वेद प्रकाश भट्ट के नेतृत्व में पुलिस बल सोनप्रयाग क्षेत्र में तैनात रहा और श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से शटल सेवा प्वाइंट तक पहुंचाया गया।
श्रद्धालु शटल सेवा के माध्यम से गौरीकुंड पहुंच रहे हैं, जहां से वे पैदल यात्रा कर बाबा केदार के दर्शन के लिए आगे बढ़ रहे हैं। प्रशासन के अनुसार केदारनाथ यात्रा फिलहाल सुचारु ढंग से संचालित हो रही है। हालांकि, धाम में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को कई घंटों तक लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ रहा है।
सोनप्रयाग में टैक्सी और शटल सेवा के लिए भी भारी भीड़ देखने को मिल रही है। पार्किंग स्थल तक वाहनों और यात्रियों की लंबी लाइनें लगी हुई हैं। इसके बावजूद श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है और बड़ी संख्या में लोग धामों की ओर रवाना हो रहे हैं।
प्रदेश सरकार ने इस बार चारधाम यात्रा के लिए धामों में श्रद्धालुओं की निर्धारित संख्या की व्यवस्था समाप्त कर दी है। अब पंजीकरण कराने वाले सभी श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति दी जा रही है। यही कारण है कि इस बार यात्रा में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
उधर, गंगोत्री धाम में शुक्रवार को भारी भीड़ के चलते स्थिति कुछ समय के लिए अव्यवस्थित हो गई। बड़े पत्थर से मंदिर और स्नान घाट की ओर जाने वाले मार्ग पर करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया। सुबह 10 बजे के बाद श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ने पर करीब पांच घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। बाद में पुलिस और प्रशासन ने मोर्चा संभालते हुए व्यवस्था को नियंत्रित किया।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान धैर्य बनाए रखें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संचालित हो सके।