ऋषिकेश में चारधाम यात्रा के लिए ऑफलाइन पंजीकरण केंद्रों पर बढ़ती भीड़ के चलते अव्यवस्था की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। रविवार को ट्रांजिट कैंप स्थित पंजीकरण काउंटरों पर भारी भीड़ उमड़ने से धक्का-मुक्की और हंगामे की स्थिति बन गई। इस दौरान एक यात्री ने रोडवेज टिकट काउंटर पर जोर से धक्का मार दिया, जिससे काउंटर का शीशा टूट गया।
बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र से आया एक तीर्थयात्री जल्द पंजीकरण कराने को लेकर काफी नाराज था। भीड़ और अव्यवस्था के बीच उसने टिकट काउंटर पर दबाव बनाया और धक्का मार दिया। घटना के बाद रोडवेज कर्मचारियों ने युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। बाद में समझौते के तहत युवक ने रोडवेज की क्षतिग्रस्त संपत्ति के बदले 1000 रुपये का जुर्माना जमा किया, जिसके बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया।
सुबह से लंबी कतारों में खड़े रहे यात्री
चारधाम यात्रा के लिए ऋषिकेश पहुंचे हजारों श्रद्धालु सुबह से ही पंजीकरण के लिए लाइन में लगे रहे। ट्रांजिट कैंप में यात्रियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। भीड़ इतनी अधिक थी कि लाइनें लगातार बढ़ती जा रही थीं। पिछले पांच दिनों से यात्रियों की संख्या में लगातार इजाफा होने के कारण पंजीकरण व्यवस्था पर भारी दबाव बना हुआ है।
कई श्रद्धालु सुबह छह बजे से लाइन में लगे थे, लेकिन घंटों इंतजार के बावजूद उनका नंबर नहीं आ सका। कुछ यात्रियों का आरोप है कि जब तक उनकी बारी आई, तब तक कई काउंटर बंद कर दिए गए थे।
प्रशासन ने लागू की स्लॉट व्यवस्था
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने स्लॉट व्यवस्था लागू कर दी है। शनिवार को स्थिति यह रही कि महज 4 घंटे 41 मिनट में ही चारधाम यात्रा के सभी स्लॉट फुल हो गए। इसके बाद यात्रा प्रशासन ने यात्रियों से काउंटर खाली करने की अपील की।
हालांकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु देर शाम तक काउंटरों के बाहर डटे रहे। बाद में प्रशासन ने घोषणा की कि अगले दिन सुबह छह बजे से फिर पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसके बाद यात्री धर्मशालाओं और होटलों की ओर रवाना हुए।
बदरीनाथ और केदारनाथ के लिए ही जारी रहा पंजीकरण
भीड़ बढ़ने के बाद प्रशासन ने कुछ काउंटर बंद कर दिए, जबकि कुछ काउंटरों पर केवल बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के लिए पंजीकरण जारी रखा गया। चारधाम यात्रा के लिए पहुंचे कई यात्रियों को स्लॉट नहीं मिल पाए, जिससे उनमें नाराजगी देखने को मिली।
यात्रा प्रशासन का कहना है कि बढ़ती भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं पंजीकरण केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।