भर्ती कैलेंडर से निराश उत्तराखंड के युवा, 16 प्रवक्ता परीक्षाओं तक सीमित रहा कार्यक्रम

देहरादून। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) के नए भर्ती कैलेंडर ने प्रदेश के प्रतियोगी छात्रों की उम्मीदों को झटका दिया है। जारी कैलेंडर में जहां कुल 22 परीक्षाओं का उल्लेख किया गया है, वहीं इनमें से 16 केवल प्रवक्ता (Lecturer) पदों की मुख्य परीक्षाएं हैं। ऐसे में अन्य बड़ी और बहुप्रतीक्षित भर्तियों का जिक्र न होने से अभ्यर्थियों में नाराजगी देखी जा रही है।

आयोग द्वारा जारी यह कैलेंडर 21 अप्रैल से 6 दिसंबर तक की परीक्षाओं को कवर करता है। हालांकि, इसमें पीसीएस, लोअर पीसीएस, समीक्षा अधिकारी (RO), सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO), सहायक अभियंता (AE) और कनिष्ठ अभियंता (JE) जैसी अहम भर्तियों का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है।

अप्रैल से शुरू होंगी परीक्षाएं
कार्यक्रम के मुताबिक, 21 से 24 अप्रैल तक पीसीएस-जे (न्यायिक सेवा) मुख्य परीक्षा आयोजित होगी, जबकि 27 से 30 अप्रैल तक पीसीएस मुख्य परीक्षा प्रस्तावित है। लेकिन नई भर्तियों को लेकर कोई रोडमैप सामने नहीं रखा गया है, जिससे अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ गई है।

प्रवक्ता परीक्षाओं का वर्चस्व
पूरे कैलेंडर में प्रवक्ता भर्ती परीक्षाओं का दबदबा साफ नजर आता है। आयोग 16 विषयों में मुख्य परीक्षाएं आयोजित करेगा, जिनमें भौतिक विज्ञान (9 मई), नागरिक शास्त्र (10 मई), हिंदी (30 मई), इतिहास (31 मई), कृषि (11 जून), गणित (5 जुलाई), जीव विज्ञान (12 जुलाई), अंग्रेजी (26 जुलाई), रसायन विज्ञान (23 अगस्त), वाणिज्य (20 सितंबर), भूगोल (27 सितंबर), अर्थशास्त्र (11 अक्तूबर), समाजशास्त्र (18 अक्तूबर), संस्कृत (23 अक्तूबर), गृह विज्ञान (29 नवंबर) और कला (6 दिसंबर) शामिल हैं।

सीमित अन्य परीक्षाएं
प्रवक्ता परीक्षाओं के अलावा, 19 मई को समीक्षा अधिकारी (लेखा) परीक्षा-2024 और 19 जुलाई को हाईकोर्ट समीक्षा अधिकारी, टाइपिस्ट व लाइब्रेरियन की स्क्रीनिंग परीक्षा निर्धारित की गई है।

इसके अलावा, आयोग ने 6 सितंबर और 4 अक्तूबर की तिथियों को आरक्षित रखा है, जिन पर भविष्य में अन्य परीक्षाओं का आयोजन किया जा सकता है।

युवाओं में बढ़ता असंतोष
कैलेंडर में प्रमुख भर्तियों का अभाव युवाओं के लिए चिंता का विषय बन गया है। लंबे समय से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग को संतुलित और स्पष्ट भर्ती कार्यक्रम जारी करना चाहिए, ताकि उन्हें अपने भविष्य की योजना बनाने में आसानी हो सके।

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