टपकेश्वर मंदिर से युवा संवाद तक सक्रिय रहे भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, बोले- पिच पर समय बिताने वालों को ही मिलता है मौका

देहरादून। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे के अंतिम दिन धार्मिक, संगठनात्मक और युवा कार्यक्रमों में भाग लेते हुए कार्यकर्ताओं और युवाओं को संगठन की मजबूती, अनुशासन और निरंतर मेहनत का संदेश दिया। उन्होंने ऐतिहासिक टपकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना की, बूथ अध्यक्ष के घर पहुंचकर कार्यकर्ता सम्मान का संदेश दिया और युवा संवाद कार्यक्रम में युवाओं से सीधे संवाद किया।

शनिवार सुबह नितिन नवीन देहरादून स्थित ऐतिहासिक टपकेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान शिव का जलाभिषेक किया, पूजा-अर्चना और आरती में भाग लिया। मंदिर पहुंचने पर उनका स्वागत किया गया। इस दौरान टपकेश्वर मंदिर के महंत कृष्णा गिरी महाराज और दिगंबर भरत गिरी ने उन्हें टपकेश्वर महादेव का चित्र भेंट कर सम्मानित किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मंदिर परिसर का भ्रमण भी किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

बूथ अध्यक्ष के घर पहुंचकर किया जलपान

मंदिर दर्शन के बाद नितिन नवीन गढ़ी कैंट क्षेत्र स्थित भाजपा बूथ अध्यक्ष किशोर कुमार के घर पहुंचे। यहां उन्होंने बूथ अध्यक्ष और उनके परिवार से मुलाकात की तथा उनके साथ जलपान किया। भाजपा नेतृत्व की इस पहल को संगठन के सबसे निचले स्तर के कार्यकर्ताओं के प्रति सम्मान और संवाद की परंपरा को मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रबुद्ध गोष्ठी में भाग लिया और दोपहर दो बजे आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में युवाओं के साथ चर्चा की।

युवाओं को दिया धैर्य और मेहनत का संदेश

युवा संवाद कार्यक्रम के दौरान जब युवाओं ने आगामी चुनावों में टिकट वितरण को लेकर सवाल पूछा तो नितिन नवीन ने कहा कि राजनीति में सफलता और अवसर मेहनत तथा संगठन के प्रति समर्पण से मिलते हैं।

उन्होंने कहा, “अच्छा खिलाड़ी वही बनता है जो पिच पर समय बिताता है। जो समय लगाएगा, मेहनत करेगा और संगठन के लिए काम करेगा, उसे उसका फल भी मिलेगा।”

उन्होंने युवाओं को संगठन के साथ लंबे समय तक जुड़कर काम करने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने की सलाह दी।

चुनौतियों से सीखकर आगे बढ़ रही भाजपा

युवा संवाद के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा अपनी कमियों को स्वीकार करने और उनसे सीख लेने में विश्वास रखती है। उन्होंने कहा कि चुनौतियां हर संगठन के सामने आती हैं, लेकिन उनसे सीखकर आगे बढ़ना ही सफलता की कुंजी है।

उन्होंने भारत की शिक्षा व्यवस्था को रोजगारोन्मुख बनाने पर जोर देते हुए कहा कि नई पीढ़ी को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनना चाहिए। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल तकनीकों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत तेजी से वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर रहा है और दुनिया की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

बैठकों में अनुशासन और एकजुटता पर दिया जोर

इससे पहले प्रवास के दूसरे दिन नितिन नवीन ने सांसदों, विधायकों, पदाधिकारियों और महापौरों के साथ अलग-अलग बैठकें कर संगठन की स्थिति की समीक्षा की। बैठकों में उन्होंने साफ संदेश दिया कि आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत और सरकार की वापसी के लिए सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर काम करना होगा।

उन्होंने संगठन से जुड़े विषयों को सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया पर ले जाने से बचने की सलाह देते हुए कहा कि पार्टी के अंदरूनी मुद्दों का समाधान संगठन के भीतर ही होना चाहिए। साथ ही उन्होंने जनप्रतिनिधियों को जनता के बीच सक्रिय रहने और जमीनी स्तर पर कार्य करने का निर्देश दिया।

हर विधानसभा और बूथ की रिपोर्ट के साथ पहुंचे थे राष्ट्रीय अध्यक्ष

सूत्रों के अनुसार, नितिन नवीन प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा सीट और बूथ स्तर की विस्तृत रिपोर्ट के साथ बैठकों में पहुंचे थे। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से क्षेत्रवार जानकारी ली और जहां तथ्यों में अंतर पाया, वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए। बैठकों के दौरान उन्होंने संगठन की कमियों की ओर भी संकेत किया और स्पष्ट किया कि अनुशासन तथा संगठनात्मक एकजुटता ही भाजपा की चुनावी सफलता का आधार होगी।

23 हारी हुई सीटों पर रहेगा विशेष फोकस

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार वाली 23 सीटों पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने संकेत दिया कि इन सीटों पर जीत सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सांसदों को भी सौंपी जाएगी और संगठन की ओर से पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं की तैनाती की जाएगी।

भाजपा पिछले विधानसभा चुनाव में यमुनोत्री, बदरीनाथ, प्रतापनगर, चकराता, ज्वालापुर, भगवानपुर, झबरेड़ा, पिरान कलियर, खानपुर, मंगलौर, लक्सर, हरिद्वार ग्रामीण, धारचूला, पिथौरागढ़, द्वाराहाट, अल्मोड़ा, लोहाघाट, हल्द्वानी, जसपुर, बाजपुर, किच्छा, नानकमत्ता और खटीमा विधानसभा सीटों पर हार गई थी। इन सीटों को लेकर संगठन ने अब विशेष रणनीति तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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