खटीमा में चोरी का बड़ा खुलासा: हिस्ट्रीशीटर समेत दो गिरफ्तार, 300 CCTV फुटेज खंगालकर पुलिस ने दबोचे आरोपी

खटीमा। मुख्य चौराहे के पास स्थित तीन व्यापारिक प्रतिष्ठानों में हुई चोरी की वारदात का खटीमा पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में एक ए-श्रेणी के हिस्ट्रीशीटर अपराधी समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लाखों रुपये की नकदी, मोबाइल फोन, ब्लैंक चेक और चोरी में इस्तेमाल किए गए उपकरण बरामद किए गए हैं। आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में दबिश दी और करीब 300 सीसीटीवी फुटेज की जांच की।

शनिवार को खटीमा कोतवाली में आयोजित प्रेसवार्ता में क्षेत्राधिकारी (सीओ) नीरज सेमवाल ने बताया कि 18 मई की रात व्यापार मंडल अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, नितिन बत्रा और संजय बत्रा की दुकानों में सेंधमारी कर चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की विशेष टीमों का गठन किया गया और जांच शुरू की गई।

कई जिलों में दबिश, CCTV फुटेज से मिला अहम सुराग

घटना के खुलासे के लिए पुलिस टीमों ने उत्तर प्रदेश के न्यूरिया, बरखेड़ा, पीलीभीत, बदायूं और जयपुर क्षेत्रों में लगातार दबिश दी। जांच के दौरान करीब 250 से 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का गहन अध्ययन किया गया।

सीओ ने बताया कि फुटेज में घटना वाली रात 20 से 22 वर्ष आयु के दो संदिग्ध युवक रेलवे स्टेशन खटीमा की ओर से घटनास्थल की तरफ आते दिखाई दिए। दोनों संदिग्ध दुकानों की छतों पर चढ़ते और उतरते हुए भी कैमरों में कैद हुए। पुलिस ने तकनीकी जांच के साथ-साथ सोशल मीडिया के जरिए भी आरोपियों की तलाश तेज कर दी।

रेलवे पटरी के पास से हुई गिरफ्तारी

लगातार प्रयासों के बाद शुक्रवार रात पुलिस ने खटीमा मंडी के पीछे रेलवे पटरी के किनारे से दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम जैनुल आवेदीन निवासी न्यूरिया हुसैनपुर, जिला पीलीभीत और प्रवेश सक्सेना निवासी बरखेड़ा, बीसलपुर, जिला पीलीभीत बताया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3 लाख 29 हजार 700 रुपये नकद, करीब 20 हजार रुपये कीमत का मोबाइल फोन, चार ब्लैंक चेक और चोरी में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि चोरी की कुछ रकम उन्होंने ऑनलाइन गेम खेलने, नशा करने और घूमने-फिरने में खर्च कर दी।

मुख्य आरोपी पर पहले से दर्ज हैं 11 मुकदमे

सीओ नीरज सेमवाल ने बताया कि मुख्य आरोपी जैनुल आवेदीन न्यूरिया थाने का ए-श्रेणी का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ न्यूरिया, सुनगढ़ी और खटीमा थानों में चोरी, आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में कुल 11 मुकदमे दर्ज हैं।

वहीं सह आरोपी प्रवेश सक्सेना के खिलाफ भी खटीमा थाने में तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस टीम की मेहनत लाई रंग

चोरी की इस वारदात के खुलासे में कोतवाल विजेंद्र शाह, एसएसआई केसी आर्या, एसआई अशोक कांडपाल, एसआई जीवन चुफाल, भूपेंद्र रंसवाल, विजय सिंह, मोहन बोरा, मोहम्मद इशाक, ललित सिंह, कमल पाल, मोहसिन और भूपेंद्र आर्या सहित पूरी पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने टीम की कार्यशैली की सराहना करते हुए इसे बड़ी सफलता बताया है।

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