दून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण: अब ढाई घंटे में पूरा होगा सफर, पीएम मोदी ने दी 213 किमी परियोजना की सौगात

देहरादून:
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने मंगलवार को 213 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण कर उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली को बड़ी सौगात दी। लगभग 11,963 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना के शुरू होने से अब दून से दिल्ली की दूरी महज ढाई घंटे में तय की जा सकेगी।

लोकार्पण कार्यक्रम देहरादून के गढ़ी कैंट स्थित जसवंत सिंह सेना मैदान में आयोजित किया गया, जहां मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami प्रधानमंत्री के साथ मौजूद रहे। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।


मां डाट काली के दर्शन के साथ शुरुआत

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे की शुरुआत Dat Kali Temple में पूजा-अर्चना से की। इसके बाद उन्होंने देहरादून में करीब 12 किलोमीटर लंबा रोड शो किया और जनसभा को संबोधित किया।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने B. R. Ambedkar की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की।


“इंफ्रास्ट्रक्चर बदलता है देश की तस्वीर”

जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के हाईवे, एक्सप्रेसवे, रेलवे और जलमार्ग ही राष्ट्र की “भाग्य रेखाएं” हैं। ये परियोजनाएं केवल आज की जरूरत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की समृद्धि की नींव हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में अभूतपूर्व निवेश किया है, जिससे देश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है।


छह गुना बढ़ा इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश

प्रधानमंत्री ने बताया कि वर्ष 2014 में जहां देश में इंफ्रास्ट्रक्चर पर सालाना खर्च दो लाख करोड़ रुपये से भी कम था, वहीं अब यह बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

उत्तराखंड में भी सवा दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर कार्य जारी है, जिससे राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक सड़क और अन्य सुविधाएं पहुंच रही हैं।


समय, ईंधन और लागत में होगी बचत

इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के शुरू होने से यात्रा समय में भारी कमी आएगी। साथ ही ईंधन की बचत होगी और परिवहन लागत भी कम होगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। निर्माण कार्य के दौरान हजारों लोगों को रोजगार मिला है, वहीं भविष्य में भी इसका लाभ मिलेगा।


पर्यटन और किसानों को मिलेगा बढ़ावा

यह एक्सप्रेसवे देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी और चारधाम यात्रा के लिए प्रमुख मार्ग बनेगा, जिससे पर्यटन को नई गति मिलेगी।

साथ ही किसानों और पशुपालकों को अपने उत्पाद बड़े बाजारों तक तेजी से पहुंचाने में सुविधा होगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।


क्षेत्रीय विकास को मिलेगा नया आयाम

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कॉरिडोर गाजियाबाद, बागपत, बड़ौत, शामली और सहारनपुर जैसे क्षेत्रों के विकास को भी गति देगा।

उन्होंने कहा कि देश में तेजी से बन रहे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स नए अवसरों के द्वार खोल रहे हैं और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।


निष्कर्ष:
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ-साथ आर्थिक विकास, रोजगार और पर्यटन को नई दिशा देगा। यह परियोजना उत्तराखंड और आसपास के राज्यों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है।

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