नैनीताल जिले के भवाली में बृहस्पतिवार को हुए भीषण सड़क हादसे ने ऊधमसिंह नगर के खटीमा क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया। हादसे में अमाऊं निवासी भूपेंद्र सिंह चुफाल, उनकी पत्नी सीमा कैड़ा चुफाल और उनके दो मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। एक ही परिवार के चार सदस्यों की असमय मौत की खबर मिलते ही पूरे इलाके में मातम पसर गया।
घटना की सूचना मिलते ही अमाऊं स्थित चुफाल परिवार के घर के बाहर स्थानीय लोगों और रिश्तेदारों की भीड़ जुट गई। हर कोई इस हृदयविदारक हादसे से स्तब्ध नजर आया। गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल बना हुआ है।
इकलौते बेटे की मौत से टूट गया परिवार
स्थानीय लोगों के अनुसार, मूल रूप से पिथौरागढ़ जिले के नाचनी निवासी चुफाल परिवार करीब 35 वर्ष पहले खटीमा के अमाऊं क्षेत्र में आकर बस गया था। मृतक भूपेंद्र सिंह चुफाल अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। उन्होंने बनारस से उच्च शिक्षा प्राप्त की थी और वर्तमान में पत्नी सीमा, बेटे वासु और बेटी रावी के साथ लखनऊ में रह रहे थे।
भूपेंद्र की दो बहनें उमा और कमला हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। परिजनों और पड़ोसियों ने बताया कि भूपेंद्र परिवार के प्रति बेहद जिम्मेदार और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
मां से आखिरी मुलाकात बन गई याद
भूपेंद्र की बुजुर्ग मां तुलसी देवी अमाऊं स्थित घर में अकेली रहती थीं। करीब एक माह पहले उनके हाथ में गंभीर चोट लग गई थी, जिसके बाद देखभाल के लिए उन्हें नोएडा में रह रही बेटी उमा के पास भेज दिया गया था।
स्थानीय लोगों ने बताया कि भूपेंद्र अपनी मां से बेहद लगाव रखते थे। तीन महीने पहले वह मां का हालचाल जानने के लिए खटीमा आए थे। किसी को यह अंदाजा नहीं था कि मां-बेटे की वह मुलाकात आखिरी साबित होगी।
नोएडा से खटीमा के लिए रवाना हुईं तुलसी देवी
हादसे की जानकारी मिलते ही नोएडा में रह रहीं तुलसी देवी बेसुध हो गईं। एक ही हादसे में अपने इकलौते बेटे, बहू और दोनों पोता-पोती को खोने का दुख उनके लिए असहनीय हो गया। परिजनों के अनुसार, वह बदहवास हालत में नोएडा से खटीमा के लिए रवाना हो चुकी हैं।
इधर, मृतक के घर के बाहर महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे क्षेत्र में शोक और संवेदना का माहौल बना हुआ है।