देहरादून: उत्तराखंड बोर्ड ने शिक्षा व्यवस्था में एक अहम और प्रेरणादायक कदम उठाते हुए इस वर्ष से शिक्षकों को सम्मानित करने की नई पहल शुरू की है। अब तक केवल मेधावी छात्रों को सम्मानित किया जाता था, लेकिन पहली बार उन शिक्षकों को भी सम्मान दिया जाएगा, जिनके पढ़ाए गए विषयों में छात्रों ने शत-प्रतिशत अंक हासिल किए हैं।
बोर्ड की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा में जिन विषयों में विद्यार्थियों ने 100 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं, उन विषयों के संबंधित शिक्षकों को चिन्हित कर सम्मानित किया जाएगा। इन शिक्षकों को स्मृति चिह्न और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
इस वर्ष के परीक्षा परिणामों पर नजर डालें तो हाईस्कूल में 28.20 प्रतिशत छात्र-छात्राएं प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं, जबकि 42.86 प्रतिशत ने द्वितीय श्रेणी हासिल की है। वहीं इंटरमीडिएट में 41.32 प्रतिशत विद्यार्थी प्रथम श्रेणी और 34.82 प्रतिशत द्वितीय श्रेणी में पास हुए हैं। कई विषयों में छात्रों ने शत-प्रतिशत अंक भी प्राप्त किए हैं, जो शिक्षकों के उत्कृष्ट मार्गदर्शन को दर्शाता है।
उत्तराखंड बोर्ड के सचिव विनोद सिमल्टी ने बताया कि ऐसे शिक्षकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है, जिन्होंने अपने विषयों में बेहतरीन परिणाम दिए हैं। अनुमान है कि इस श्रेणी में 200 से अधिक शिक्षक शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल से शिक्षकों को प्रोत्साहन मिलेगा और शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
शिक्षा जगत में इस निर्णय को सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जिससे भविष्य में बेहतर शैक्षणिक परिणामों की उम्मीद की जा रही है।