टिहरी (उत्तराखंड): टिहरी बांध की विशाल झील में सी-प्लेन उतारने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मंगलवार को पहली बार 19 सीटर सी-प्लेन की सफल लैंडिंग कराई गई। लंबे समय से चल रही तैयारियों और तकनीकी चुनौतियों के बाद यह ट्रायल सफल रहा, जिससे क्षेत्र में पर्यटन विकास की नई संभावनाएं खुल गई हैं।
जानकारी के अनुसार, सी-प्लेन ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट से उड़ान भरकर शाम करीब 5:30 बजे कोटी कॉलोनी स्थित टिहरी झील में सफलतापूर्वक लैंडिंग की। इस दौरान कंपनी द्वारा दो बार लैंडिंग और टेकऑफ का अभ्यास भी किया गया, जिससे संचालन की व्यवहारिकता को परखा गया।
इस ट्रायल को लेकर प्रशासन सुबह से ही अलर्ट मोड में था। पर्यटन विभाग और पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और संचालन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं पहले से ही सुनिश्चित कर ली थीं। हालांकि, सी-प्लेन के आगमन का समय कई बार बदला गया—पहले सुबह 9 बजे, फिर दोपहर 12 बजे—लेकिन अंततः शाम को सफल लैंडिंग संभव हो सकी।
सी-प्लेन की सफल लैंडिंग को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग झील के आसपास जुटे थे। जैसे ही प्लेन ने पानी पर उतरकर सुरक्षित लैंडिंग की, लोगों ने तालियां बजाकर इसका स्वागत किया।
जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने बताया कि यह ट्रायल प्रारंभिक चरण का हिस्सा है और बुधवार व बृहस्पतिवार को भी सी-प्लेन की लैंडिंग का परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बोटिंग जैसी गतिविधियों पर असर न पड़े, इसके लिए प्रशासन विशेष रणनीति तैयार कर रहा है।
जिला पर्यटन अधिकारी सोबत सिंह राणा ने बताया कि स्काई हाफ प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित इस 19 सीटर सी-प्लेन का यह पहला सफल ट्रायल है। आने वाले दिनों में और परीक्षण किए जाएंगे, जिसके बाद सेवा शुरू करने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
टिहरी झील में सी-प्लेन सेवा शुरू होने से उत्तराखंड के पर्यटन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। यह पहल न केवल पर्यटकों को आकर्षित करेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगी।