देहरादून के Doon Medical College में मेस की खाने की गुणवत्ता को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। कॉलेज की मेस में छात्रों को कीड़ों वाली सब्जी परोस दी गई। हैरानी की बात यह रही कि करीब 20 छात्रों ने सब्जी में मौजूद काले कीड़ों को जीरा समझकर खाना खा लिया। मामले का खुलासा होने के बाद छात्रों ने मेस में जमकर हंगामा किया।
जानकारी के अनुसार घटना बुधवार रात की है। एमबीबीएस छात्र तय समय पर डिनर के लिए मेस पहुंचे थे। उस दिन मेस में सफेद मटर की सब्जी बनाई गई थी। मेस कर्मचारियों ने छात्रों को खाना परोसना शुरू किया और कई छात्र खाना लेकर खाने बैठ गए।
बताया जा रहा है कि सब्जी में बड़ी संख्या में छोटे काले रंग के कीड़े मौजूद थे। शुरुआत में छात्रों को लगा कि सब्जी में जीरा डाला गया है, इसलिए उन्होंने बिना ध्यान दिए खाना खा लिया। बाद में अन्य छात्रों को सब्जी में कुछ संदिग्ध दिखाई दिया। जब उन्होंने गौर से देखा तो सब्जी में कीड़े होने की पुष्टि हुई।
इसके बाद छात्रों ने तुरंत मेस संचालक और कॉलेज प्रशासन को सूचना दी। देखते ही देखते बड़ी संख्या में छात्र मेस में इकट्ठा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों ने मेस प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया।
स्थिति बिगड़ती देख मेस संचालक ने दोबारा खाना तैयार करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद नई सब्जी बनाकर छात्रों को भोजन परोसा गया।
कीड़ों वाला खाना खाने के बाद छात्रों को हुई परेशानी
जिन छात्रों ने कीड़ों वाली सब्जी खाई थी, उन्हें घटना का पता चलने के बाद उल्टियां होने लगीं। हालांकि किसी छात्र की हालत गंभीर नहीं बताई गई है। कॉलेज प्रशासन छात्रों के स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है।
मामले में कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन बंद मिला।
शुक्रवार को बंद रही मेस, बाहर खाना खाने को मजबूर हुए छात्र
घटना के बाद शुक्रवार को मेस में छात्रों को खाना नहीं दिया गया। सुबह जब छात्र नाश्ते के लिए पहुंचे तो मेस का गेट बंद मिला। बाद में पता चला कि मेस में भोजन तैयार ही नहीं किया गया है। इसके चलते छात्रों को बाहर जाकर खाना खाना पड़ा, जिससे उनमें नाराजगी और बढ़ गई।
जांच के निर्देश, कार्रवाई की तैयारी
चिकित्सा शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. अजय आर्य ने कहा कि मामले की जानकारी तलब की गई है। उन्होंने कहा कि मेस में इस प्रकार की लापरवाही छात्रों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।