उत्तराखंड में मौसम ने ली करवट: देहरादून में बारिश से मिली राहत, पांच जिलों में ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट

देहरादून। उत्तराखंड में कई दिनों से जारी भीषण गर्मी के बीच रविवार को मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। राजधानी देहरादून में सुबह से झमाझम बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में भी बादल छाए रहने और बारिश का दौर जारी है। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के पांच पर्वतीय जिलों में ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले के कुछ इलाकों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना है। इसे देखते हुए इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं अन्य पर्वतीय और मैदानी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश, बिजली गिरने तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है, जिसके चलते येलो अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में मौसम में बदलाव आया है। बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज होने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से काफी राहत मिलेगी।

मानसून से पहले तैयारियों में जुटे विभाग

आगामी मानसून सीजन को देखते हुए राज्य के विभिन्न विभागों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। विशेष रूप से भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में मार्गों को सुचारु बनाए रखने के लिए लोक निर्माण विभाग ने संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी मशीनों की तैनाती की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता राजेश चंद्र शर्मा ने बताया कि वर्तमान में चारधाम यात्रा मार्गों पर 125 जेसीबी मशीनें तैनात की गई हैं, जिनमें 22 विभागीय मशीनें शामिल हैं। मानसून के दौरान यह संख्या बढ़ाकर करीब 300 तक की जाती है ताकि भूस्खलन या मलबा आने की स्थिति में सड़कों को शीघ्र खोला जा सके। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

उन्होंने बताया कि सड़क किनारे ड्रेनेज और कल्वर्टों की सफाई का कार्य भी युद्धस्तर पर चल रहा है ताकि भारी बारिश के दौरान जलभराव और सड़क क्षति की समस्या को कम किया जा सके।

क्षेत्रवार भेजे जाएंगे मौसम संबंधी अलर्ट

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने भी मानसून को देखते हुए अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभाग की ओर से मौसम संबंधी चेतावनियां और आवश्यक सूचनाएं क्षेत्रवार ब्रॉडकास्ट मैसेज के माध्यम से लोगों तक पहुंचाई जाएंगी।

आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मौसम की गंभीर चेतावनियों को प्रभावित क्षेत्रों के लोगों तक समय पर पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। साथ ही राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों की 24 घंटे तैनाती की व्यवस्था 15 जून से शुरू कर दी जाएगी।

नौ जून को मुख्यमंत्री कर सकते हैं समीक्षा बैठक

मानसून की तैयारियों और आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 9 जून को उच्चस्तरीय बैठक कर सकते हैं। बैठक में संबंधित विभागों की तैयारियों, राहत एवं बचाव योजनाओं तथा मानसून के दौरान संभावित चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी।

प्रदेश सरकार का लक्ष्य मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटना और लोगों को समय पर राहत एवं सहायता उपलब्ध कराना है।

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