देहरादून: सुरक्षा इंतजाम अधूरे, फिर भी पर्यटकों के लिए खोला गया टाइगर फॉल

देहरादून जिले के चकराता स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल टाइगर फॉल को एक बार फिर पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बीते वर्ष इसी स्थान पर हुए दर्दनाक हादसे में एक महिला पर्यटक समेत दो लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद झरने में स्नान गतिविधियों पर रोक लगा दी गई थी, लेकिन अब बिना पूरी सुरक्षा व्यवस्था के पर्यटकों का यहां पहुंचना शुरू हो गया है।

जानकारी के अनुसार, 26 मई 2025 को टाइगर फॉल में बड़ा हादसा हुआ था। झरने के ऊपर से अचानक एक विशाल पेड़ गिर गया था, जिसकी चपेट में आने से दिल्ली की एक महिला पर्यटक और एक स्थानीय व्यक्ति की जान चली गई थी। हादसे के बाद प्रशासन ने झरने में स्नान पर प्रतिबंध लगा दिया था और केवल झरना देखने व फोटो खींचने की अनुमति दी गई थी।

घटना के बाद 2 जून 2025 को तहसील प्रशासन, पर्यटन विभाग और वन विभाग की संयुक्त टीम ने टाइगर फॉल क्षेत्र का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान झरने के ऊपरी हिस्से में 17 पेड़ असुरक्षित पाए गए थे। इन पेड़ों के गिरने से भविष्य में बड़े हादसे की आशंका जताई गई थी। इसके बाद वन विभाग ने वन निगम को पेड़ों के कटान के लिए पत्र भेजा था।

हालांकि, अब तक सभी असुरक्षित पेड़ों का कटान नहीं किया जा सका है। वन विभाग की ओर से केवल पांच पेड़ों के कटान की अनापत्ति दी गई है। इसके बावजूद मौजूदा पर्यटन सीजन में बड़ी संख्या में पर्यटक टाइगर फॉल पहुंच रहे हैं और झरने में स्नान भी कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि लंबे समय से टाइगर फॉल में स्नान बंद होने के कारण पर्यटन कारोबार प्रभावित हो रहा था। क्षेत्रीय विकास निगरानी समिति के पदाधिकारियों ने प्रशासन से सुरक्षा कार्य पूरे कर झरने को खोलने की मांग की थी। इसी बीच अब पर्यटकों की आवाजाही अचानक बढ़ गई है।

इधर, मौसम विभाग के अनुसार चकराता क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से लगातार मौसम खराब बना हुआ है। रुक-रुक कर बारिश और ओलावृष्टि हो रही है। ऐसे में झरने का जलस्तर अचानक बढ़ने और हादसे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

डीएफओ चकराता वैभव कुमार ने बताया कि वन निगम को असुरक्षित पेड़ों के कटान के लिए अनापत्ति दी जा चुकी है और कटान की जिम्मेदारी निगम की है। वहीं, डीएलएम चकराता ऊषा पुरी ने कहा कि विभाग का पत्र हाल ही में मिला है और पांच पेड़ों के कटान की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

दूसरी ओर, एसडीएम चकराता प्रेमलाल ने कहा कि उन्हें टाइगर फॉल को पर्यटकों के लिए खोले जाने की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों से इस मामले की जानकारी ली जाएगी।

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