उत्तर प्रदेश में आतंकवाद के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत एटीएस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। बिजनौर निवासी मैजुल को दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटते ही दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया गया। वह पिछले पांच वर्षों से विदेश में रह रहा था और उसके खिलाफ पहले से ही लुकआउट सर्कुलर जारी था।
शनिवार को जैसे ही मैजुल भारत पहुंचा, सुरक्षा एजेंसियों ने उसे हिरासत में ले लिया। एयरपोर्ट पर उसे लेने पहुंचे परिवार के लोग बिना उससे मिले ही लौट गए। फिलहाल उससे बिजनौर पुलिस और एटीएस संयुक्त रूप से पूछताछ कर रही हैं।
आतंकी मॉड्यूल से जुड़े होने का आरोप
एटीएस ने 2 अप्रैल को लखनऊ में एक संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। इस मामले में मेरठ निवासी साकिब, गौतमबुद्धनगर के अरबाब, लोकेश और विकास को गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान सामने आया कि यह मॉड्यूल सोशल मीडिया के जरिए सक्रिय था और देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त था।
जांच में यह भी पता चला कि नवंबर 2025 में इंस्टाग्राम लाइव के दौरान एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एके-47 और हैंड ग्रेनेड का प्रदर्शन किया गया था। इस वीडियो में साकिब के साथ दुबई में मौजूद आकिब, आजाद और मैजुल भी जुड़े हुए थे।
पुराना केस दोबारा खुला
इस मामले में पहले बिजनौर के नांगल थाने में केस दर्ज हुआ था, जिसमें मैजुल को क्लीन चिट मिल गई थी। लेकिन एटीएस की जांच के बाद इस केस को फिर से खोला गया और मैजुल को दोबारा जांच के दायरे में लाया गया।
एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया कि मैजुल, साकिब और आजाद के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किए गए थे। मैजुल की गिरफ्तारी के बाद अब बाकी आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
पूछताछ में कबूल किया संपर्क
पुलिस पूछताछ में मैजुल ने दुबई में बैठे आकिब के संपर्क में होने की बात स्वीकार की है। आकिब पर आरोप है कि वह सोशल मीडिया पर देश विरोधी सामग्री पोस्ट कर लोगों को भड़काता था। एटीएस के अनुसार, उसके पाकिस्तानी हैंडलर्स से भी संबंध होने की आशंका है।
पांच साल से परिवार से दूर
जांच में सामने आया कि मैजुल पिछले पांच साल से दक्षिण अफ्रीका में सैलून में काम कर रहा था। इस दौरान उसने अपने परिवार से दूरी बना ली थी। न तो वह त्योहारों पर घर आया और न ही उसने परिवार को आर्थिक सहायता भेजी।
उसके पिता भी विदेश में नाई का काम करते हैं, जबकि परिवार के अन्य सदस्य गांव और देहरादून में रहते हैं।
पहले हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
इस मामले में पुलिस पहले ही उवैद मलिक, जलाल हैदर और समीर को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं, आजाद और आकिब फिलहाल सऊदी अरब में बताए जा रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
वीडियो में चार लोग थे शामिल
एटीएस के अनुसार, जिस वीडियो में हथियारों का प्रदर्शन किया गया था, उसमें मैजुल, आकिब, आजाद और उवैद मलिक शामिल थे। यह वीडियो सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित हुआ था, जिससे सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई थीं।
निष्कर्ष:
मैजुल की गिरफ्तारी को एटीएस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। अब एजेंसियां पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।