Uttarakhand Weather: बारिश और बर्फबारी से बदला मौसम, कई जिलों में ओलावृष्टि व तेज तूफान का अलर्ट

देहरादून: उत्तराखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। पहाड़ से लेकर मैदान तक मौसम में आए बदलाव ने लोगों को चौंका दिया है। प्रदेश के कई इलाकों में सुबह से बारिश का दौर जारी है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो रही है। खासकर केदारनाथ और यमुनोत्री धाम में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है, जिससे वहां ठंड बढ़ गई है।

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है। हल्की से मध्यम बारिश, बादलों की आवाजाही और ठंडी हवाओं के कारण तापमान सामान्य से नीचे रहने का अनुमान है।

कई जिलों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं का अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक 8 अप्रैल को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंह नगर जिले के कुछ हिस्सों में बिजली चमकने के साथ ओलावृष्टि और करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफान चलने की संभावना है। इन जिलों के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

इसके अलावा राज्य के अन्य जिलों में भी बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं तीन हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना जताई गई है।

तापमान में आई गिरावट, बढ़ी ठंडक

मंगलवार को रुक-रुक कर हुई बारिश और ठंडी हवाओं के कारण प्रदेश में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। राजधानी देहरादून में अधिकतम तापमान में लगभग छह डिग्री सेल्सियस की कमी आई है। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और कई बार हल्की से मध्यम बारिश भी हुई।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार देहरादून में अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब छह डिग्री कम है। वहीं न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से दो डिग्री कम रिकॉर्ड किया गया।

अप्रैल में भी महसूस हो रही ठंड

आमतौर पर अप्रैल के पहले सप्ताह में प्रदेश में गर्मी बढ़ने लगती है, लेकिन इस बार बारिश और ठंडी हवाओं के कारण मौसम सुहावना बना हुआ है। सुबह और शाम के समय लोगों को हल्की ठंड का एहसास हो रहा है, जिसके चलते कई लोग हल्के गर्म कपड़े पहनते दिखाई दे रहे हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में दिन के समय भी ठंडक महसूस की जा रही है।

पश्चिमी विक्षोभ के कारण बदला मौसम

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में मौसम के इस बदलाव के पीछे पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता मुख्य वजह है। इसके प्रभाव से उत्तर भारत के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में बादल छाए हुए हैं और कई स्थानों पर बारिश हो रही है। साथ ही हिमालयी क्षेत्रों से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण तापमान में और गिरावट आई है।

विशेषज्ञों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ अरब सागर और भूमध्यसागर क्षेत्र से नमी लेकर आता है। यही नमी बादलों के निर्माण और बारिश या बर्फबारी का कारण बनती है। बादलों के कारण सूर्य की किरणें सीधे जमीन तक नहीं पहुंच पातीं, जिससे तापमान में कमी दर्ज होती है।

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