देहरादून: उत्तराखंड में व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों की कमी से जूझ रहे होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों का कोटा दोगुना कर दिया गया है। साथ ही इनके वितरण को व्यवस्थित बनाने के लिए शासन ने नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है।
नई एसओपी के तहत अब प्रदेश में प्रतिदिन 2650 के बजाय 5300 व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों का वितरण किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को गैस की आपूर्ति में आ रही दिक्कतों से काफी हद तक राहत मिलेगी।
विभिन्न प्रतिष्ठानों के लिए तय किया गया कोटा
शासन द्वारा जारी नई व्यवस्था के अनुसार अलग-अलग प्रकार के संस्थानों के लिए सिलिंडरों का दैनिक आवंटन निर्धारित किया गया है। इसके तहत होम स्टे और स्वयं सहायता समूहों के प्रतिष्ठानों को अब 130 के स्थान पर 260 सिलिंडर प्रतिदिन उपलब्ध कराए जाएंगे।
इसके अलावा अन्य प्रतिष्ठानों के लिए भी कोटा तय किया गया है—
- पेइंग गेस्ट सुविधा वाले छात्र आवासों के लिए 300 सिलिंडर
- औद्योगिक कैंटीनों के लिए 300 सिलिंडर
- डेयरी एवं खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिए 260 सिलिंडर
- सरकारी व सरकारी नियंत्रण वाले गेस्ट हाउसों के लिए 300 सिलिंडर
- रेस्टोरेंट और ढाबों के लिए 2000 सिलिंडर
- होटल और रिजॉर्ट के लिए 1500 सिलिंडर
- फार्मास्युटिकल इकाइयों के लिए 380 सिलिंडर प्रतिदिन
20 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत किया गया कोटा
खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पहले व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों के लिए निर्धारित 20 प्रतिशत कोटा अब बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे बाजार में व्यावसायिक सिलिंडरों की उपलब्धता में सुधार होने की उम्मीद है।
प्रदेश में प्रतिदिन वितरित होने वाले 5300 सिलिंडरों का आवंटन राज्य में कार्यरत तीन प्रमुख तेल एवं गैस कंपनियों— आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल — की बाजार में हिस्सेदारी के अनुसार किया जाएगा। इन कंपनियों को नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ ही संबंधित जिलाधिकारियों को इसकी जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।
केंद्र सरकार से 10 प्रतिशत अतिरिक्त कोटे का आश्वासन
खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग के अनुसार केंद्र सरकार ने व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों का 10 प्रतिशत अतिरिक्त कोटा बढ़ाने का आश्वासन दिया है। हालांकि इसके लिए राज्य में पाइपलाइन के माध्यम से गैस आपूर्ति की व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
केंद्र सरकार के साथ वर्चुअल बैठक के बाद मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं।
पैनिक बुकिंग भी बनी समस्या की वजह
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों की कमी की समस्या कुछ समय से बनी हुई थी। कई बार व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति कम कर घरेलू गैस सिलिंडरों की आपूर्ति बढ़ानी पड़ी, जिससे यह स्थिति उत्पन्न हुई।
इसके अलावा घरेलू गैस की पर्याप्त उपलब्धता के बावजूद लोगों द्वारा पैनिक बुकिंग और सिलिंडरों को स्टॉक कर रखने की प्रवृत्ति के कारण भी आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई।
सरकार को उम्मीद है कि नई एसओपी लागू होने के बाद प्रदेश में व्यावसायिक एलपीजी सिलिंडरों की आपूर्ति अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से हो सकेगी।