अप्रैल में दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन संभव, पीएम मोदी कर सकते हैं लोकार्पण; सफर घटकर होगा ढाई घंटे

अप्रैल में दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे का शुभारंभ संभव, यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत

देहरादून। उत्तराखंड और दिल्ली के बीच आवागमन को तेज और सुगम बनाने वाला बहुप्रतीक्षित दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे जल्द ही जनता को समर्पित किया जा सकता है। जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अप्रैल माह में इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्घाटन कर सकते हैं। संभावना जताई जा रही है कि अप्रैल के पहले सप्ताह में या फिर 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर प्रधानमंत्री उत्तराखंड दौरे पर आ सकते हैं और इसी दौरान एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया जा सकता है।

करीब 211 किलोमीटर लंबा और छह लेन वाला यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह शुरू होने के बाद दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय को काफी कम कर देगा। अभी इस दूरी को तय करने में लगभग 6 से 6.30 घंटे का समय लगता है, लेकिन एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद यह सफर सिर्फ दो से ढाई घंटे में पूरा किया जा सकेगा।

13 हजार करोड़ की लागत से बना आधुनिक एक्सप्रेसवे

दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे का निर्माण लगभग 13,000 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षरधाम क्षेत्र से शुरू होकर सीधे देहरादून तक जाता है। दिल्ली में इसका एलिवेटेड सेक्शन सीधे दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे से जुड़ता है, जिससे दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच सड़क संपर्क पहले से अधिक तेज और सुगम हो गया है।

कई जिलों को मिलेगा तेज कनेक्टिविटी का लाभ

एक्सप्रेसवे का एलिवेटेड हिस्सा खुलने से खेकड़ा, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर सहित कई जिलों के लोगों को भी सीधा लाभ मिलेगा। यह मार्ग इन क्षेत्रों को दिल्ली-एनसीआर से तेज और वैकल्पिक कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। साथ ही उन मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा, जहां रोजाना जाम की समस्या बनी रहती थी।

पर्यटन और कारोबार को मिलेगा बढ़ावा

एक्सप्रेसवे के शुरू होने से उत्तराखंड के पर्यटन उद्योग को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। पर्यटक अब कम समय में देहरादून और राज्य के अन्य पर्यटन स्थलों तक पहुंच सकेंगे। वहीं, व्यापार और कारोबार के सिलसिले में दिल्ली आने-जाने वाले व्यापारियों, उद्यमियों और आम यात्रियों के लिए भी यह मार्ग बेहद सुविधाजनक साबित होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि एक्सप्रेसवे के पूरी तरह शुरू होने के बाद यह परियोजना पर्यटन, व्यापार, उद्योग और क्षेत्रीय विकास के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है।

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