धामी कैबिनेट विस्तार में राम सिंह कैड़ा को मिली जगह, मंत्री पद की ली शपथ
उत्तराखंड में लंबे समय से चर्चा में चल रहे धामी मंत्रिमंडल विस्तार पर शुक्रवार को विराम लग गया। देहरादून के लोकभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में भीमताल से विधायक राम सिंह कैड़ा ने मंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
राम सिंह कैड़ा का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू होकर प्रदेश की कैबिनेट तक पहुंचा है। उन्होंने हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से छात्रसंघ अध्यक्ष रहते हुए अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी।
कांग्रेस से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
राम सिंह कैड़ा शुरुआती दौर में कांग्रेस से जुड़े रहे। छात्र राजनीति के बाद उन्होंने क्षेत्रीय स्तर पर सक्रियता बढ़ाई और क्षेत्र पंचायत सदस्य तथा जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की। उनके परिवार की भी स्थानीय राजनीति में सक्रिय भूमिका रही है। उनकी पत्नी ब्लॉक प्रमुख के पद पर भी रह चुकी हैं।
निर्दलीय चुनाव जीतकर पहली बार बने विधायक
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से टिकट न मिलने पर राम सिंह कैड़ा ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में भीमताल सीट से चुनाव लड़ा। उन्होंने चुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा पहुंचने में सफलता हासिल की। निर्दलीय विधायक रहते हुए वे भाजपा के करीब रहे और कई मौकों पर सरकार का समर्थन करते नजर आए।
2022 में भाजपा के टिकट पर दोबारा जीते चुनाव
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें भीमताल सीट से उम्मीदवार बनाया। उन्होंने भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर लगातार दूसरी बार विधायक बनने का गौरव हासिल किया। उनके राजनीतिक अनुभव और क्षेत्र में मजबूत जनाधार को देखते हुए उन्हें धामी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।
धामी कैबिनेट में पांच नए मंत्री शामिल
धामी मंत्रिमंडल के विस्तार में कुल पांच नए मंत्रियों को शामिल किया गया है। शपथ ग्रहण समारोह में सबसे पहले राजपुर विधायक खजान दास ने शपथ ली। इसके बाद भरत सिंह चौधरी ने संस्कृत भाषा में मंत्री पद की शपथ ग्रहण की।
इसके बाद मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा ने भी मंत्री पद की शपथ ली। लंबे समय से प्रदेश में कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चाएं चल रही थीं, जो अब पूरी हो गई हैं।
राम सिंह कैड़ा के मंत्री बनने से भीमताल क्षेत्र में उनके समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है और इसे क्षेत्र के लिए बड़ी राजनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है।