हल्द्वानी में आंधी-तूफान का कहर, स्कूल की दीवार गिरने से आठ लोग घायल
Haldwani/Nainital। रविवार देर रात आए तेज आंधी-तूफान ने नैनीताल और हल्द्वानी क्षेत्र में भारी तबाही मचा दी। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ और बिजली की लाइनें टूट गईं, जबकि कई घरों की टिन की छतें उड़ गईं। इसी दौरान हल्द्वानी में एक स्कूल की दीवार गिरने से आठ लोग मलबे में दब गए। सभी को स्थानीय लोगों की मदद से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।
जानकारी के अनुसार, रविवार रात करीब डेढ़ बजे से तीन बजे तक चले तेज तूफान ने शहर और आसपास के इलाकों में व्यापक नुकसान पहुंचाया। कई स्थानों पर पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। तेज हवाओं के कारण बिजली के पोल और लाइनें टूटने से कई क्षेत्रों में रात से ही बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
मलबे में दबे लोगों को अस्पताल पहुंचाया
हल्द्वानी में देर रात एक सेंट स्कूल की दीवार अचानक गिर गई। दीवार के पास रह रहे आठ लोग इसकी चपेट में आकर मलबे में दब गए। घटना के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और सभी घायलों को मलबे से निकालकर उपचार के लिए Sushila Tiwari Hospital पहुंचाया।
घटना की सूचना मिलने पर हल्द्वानी के मेयर Gajraj Bisht अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना।
कई इलाकों में पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित
तूफान के चलते पटवाडांगर रोड और हल्द्वानी रोड समेत कई क्षेत्रों में पेड़ गिरने से यातायात बाधित रहा। सोमवार सुबह स्थानीय लोगों और प्रशासन की टीमों ने मिलकर सड़कों से पेड़ हटाने का कार्य शुरू किया।
कार पर गिरा देवदार का पेड़
ताकुला निवासी Aman Joshi ने बताया कि देर रात आए तूफान के दौरान बल्दीयाखान क्षेत्र में देवदार का एक बड़ा पेड़ उनकी कार पर गिर गया, जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
बिजली व्यवस्था भी प्रभावित
तेज आंधी के कारण बिजली व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई। ऊर्जा निगम के एसडीओ Priyank Pandey ने बताया कि कई स्थानों पर बिजली की लाइनें और पोल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। विभाग की टीमें मरम्मत कार्य में जुटी हैं और लाइनों के ठीक होते ही बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
प्रशासन कर रहा नुकसान का आकलन
एसडीएम Nawazish Khalik ने बताया कि आंधी-तूफान से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की टीमें भेजी गई हैं और रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अचानक आए इस तूफान से रातभर लोग दहशत में रहे। कई इलाकों में अव्यवस्था की स्थिति बनी रही, जबकि प्रशासन और स्थानीय लोग मिलकर हालात सामान्य करने में जुटे रहे।