गौतम गंभीर का कोचिंग करियर चमका, भारत को दिलाईं दो ICC ट्रॉफी; आलोचकों को दिया करारा जवाब

गौतम गंभीर का कोचिंग करियर चमका, भारत को दिलाईं दो ICC ट्रॉफी; आलोचकों को दिया करारा जवाब

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने अपने कार्यकाल में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए टीम इंडिया को दो आईसीसी ट्रॉफी दिला दी हैं। इसके साथ ही वह भारत के पहले ऐसे मुख्य कोच बन गए हैं, जिनके नेतृत्व में टीम ने दो आईसीसी खिताब अपने नाम किए हैं। एक साल के भीतर भारत की यह दूसरी बड़ी वैश्विक सफलता है, जिसने गंभीर की कोचिंग क्षमता को साबित कर दिया है।

गौतम गंभीर ने साल 2024 में भारतीय टीम के मुख्य कोच का पद संभाला था। उस समय भारतीय टीम टी20 विश्व कप जीतकर नई उपलब्धि हासिल कर चुकी थी और तत्कालीन कोच राहुल द्रविड़ का कार्यकाल समाप्त हो गया था। इसके बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने टीम की जिम्मेदारी गंभीर को सौंपी।

हालांकि राष्ट्रीय टीम की कमान संभालने के बाद उनके कई फैसलों को लेकर सवाल उठे और आलोचनाएं भी हुईं, लेकिन गंभीर ने अपने काम से सभी को जवाब दिया।


सीमित ओवरों में मिली बड़ी सफलताएं

गंभीर के कार्यकाल में भारतीय टीम ने सीमित ओवरों के क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है। टी20 और वनडे प्रारूप में टीम ने कई अहम मुकाबले जीते और बड़े टूर्नामेंटों में अपना दबदबा कायम रखा।

कोच बनने के बाद गंभीर ने टीम में कई रणनीतिक बदलाव किए और युवाओं को अधिक अवसर देने की नीति अपनाई। इसका सकारात्मक असर टीम के प्रदर्शन में भी देखने को मिला।


राहुल द्रविड़ से अलग रही कोचिंग शैली

गौतम गंभीर ऐसे समय में मुख्य कोच बने जब राहुल द्रविड़ का कार्यकाल काफी सफल रहा था। ऐसे में उनके सामने उस स्तर को बनाए रखने की चुनौती भी थी।

गंभीर की कोचिंग शैली द्रविड़ से अलग मानी जाती है। वह अपने आक्रामक फैसलों और स्पष्ट विचारों के लिए जाने जाते हैं। शुरुआत में उनके फैसलों और टीम चयन को लेकर कई चर्चाएं भी हुईं। यहां तक कि विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे सीनियर खिलाड़ियों के साथ उनके तालमेल को लेकर भी सवाल उठे, लेकिन समय के साथ टीम के प्रदर्शन ने इन चर्चाओं को शांत कर दिया।


टी20 टीम में बड़े बदलाव

टी20 विश्व कप 2024 के बाद भारतीय टीम में कई बदलाव देखने को मिले। रोहित शर्मा और विराट कोहली के टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद टीम नए दौर में पहुंच गई।

टी20 टीम की कप्तानी को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया और हार्दिक पांड्या की जगह सूर्यकुमार यादव को कप्तान बनाया गया। यह फैसला काफी चर्चा में रहा, लेकिन इसके बाद टीम का प्रदर्शन लगातार बेहतर होता गया।

सूर्यकुमार यादव की कप्तानी और गंभीर के मार्गदर्शन में भारतीय टीम ने एशिया कप और कई द्विपक्षीय सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया।


पहले ही ICC टूर्नामेंट में दिलाई जीत

मुख्य कोच बनने के बाद गौतम गंभीर ने अपने पहले ही आईसीसी टूर्नामेंट में भारत को बड़ी सफलता दिलाई। टीम इंडिया ने चैंपियंस ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर खिताब अपने नाम किया।

पूरे टूर्नामेंट में भारत ने संतुलित खेल दिखाया और रोहित शर्मा की कप्तानी तथा गंभीर के मार्गदर्शन में टीम ने शानदार जीत हासिल की।


टेस्ट क्रिकेट में नहीं मिल सकी अपेक्षित सफलता

हालांकि सीमित ओवरों में भारत को बड़ी सफलताएं मिलीं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा।

गंभीर के कार्यकाल में भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज जीती, लेकिन इसके बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर 0-3 से सीरीज हार गया। लंबे समय बाद भारत को घर में ऐसी हार का सामना करना पड़ा।

इसके बाद ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी भारतीय टीम बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी गंवा बैठी, जिससे टीम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2023-25 के फाइनल में जगह नहीं बना सकी।


छह महीने में दो खिताब से आलोचकों को जवाब

टेस्ट क्रिकेट में आलोचनाओं के बावजूद सीमित ओवरों में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा। पिछले छह महीनों में टीम इंडिया ने दो बड़े खिताब जीतकर अपने प्रदर्शन से आलोचकों को करारा जवाब दिया।

भारत ने पहले एशिया कप जीतकर अपनी ताकत दिखाई और इसके बाद घरेलू जमीन पर टी20 विश्व कप का सफलतापूर्वक बचाव किया।

इस तरह गौतम गंभीर के कार्यकाल में भारत अब तक दो आईसीसी ट्रॉफी और एक एशिया कप जीत चुका है।

खास बात यह है कि खिलाड़ी के तौर पर गंभीर 2007 टी20 विश्व कप और 2011 वनडे विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं। अब कोच के रूप में भी उन्होंने दो आईसीसी ट्रॉफी जीतकर भारतीय क्रिकेट में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।

अब टीम इंडिया की नजरें अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप पर टिकी हैं, जहां भारत एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करने की कोशिश करेगा।

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