देहरादून। उत्तराखंड में जल जीवन मिशन को लेकर लंबे समय से चल रही अनिश्चितता पर अब विराम लगने की उम्मीद है। आम बजट 2026 में केंद्र सरकार ने देशभर में इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 67,670 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके साथ ही योजना की अवधि को बढ़ाकर 31 मार्च 2028 तक कर दिया गया है। इससे राज्य में अधूरे पड़े कार्यों को गति मिलने और वित्तीय संकट से जूझ रही परियोजनाओं को संजीवनी मिलने की संभावना है।
प्रदेश सरकार के अनुसार, उत्तराखंड में जल जीवन मिशन को पूरी तरह सफल बनाने के लिए करीब 4300 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आवश्यकता है। बीते एक साल से बजट की कमी के कारण कई अहम योजनाएं अटकी हुई थीं। अब आम बजट में हुए इस प्रावधान से इन कार्यों के फिर से रफ्तार पकड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
हर घर नल से जल लक्ष्य के करीब उत्तराखंड
राज्य में जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल के लक्ष्य की दिशा में बड़ा काम पूरा किया जा चुका है। प्रदेश में कुल 14,49,170 लक्षित घरों में से अब तक 14,14,169 घरों को पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। यानी लगभग 95 प्रतिशत घरों तक नल से जल पहुंच चुका है।
हालांकि, अभी भी करीब 5 प्रतिशत भवनों में पेयजल कनेक्शन दिया जाना शेष है। इसके साथ ही पेयजल योजनाओं की क्षमता वृद्धि, स्रोत सुदृढ़ीकरण और तकनीकी सुधार जैसे करीब 20 प्रतिशत कार्य अब भी अधूरे पड़े हुए हैं।
बजट की कमी बनी थी सबसे बड़ी बाधा
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार से मांग के अनुरूप बजट न मिलने के कारण पिछले एक साल से कई परियोजनाएं ठप पड़ी थीं। इसका असर आम जनता के साथ-साथ योजना से जुड़े ठेकेदारों पर भी पड़ा, जिन्हें भुगतान न मिलने से आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।
5000 से अधिक ठेकेदारों की देनदारियां होंगी निपटान की ओर
जल जीवन मिशन के तहत कार्य कर रहे 5000 से अधिक ठेकेदारों की देनदारियों के निपटारे की उम्मीद भी अब बढ़ गई है। बजट की कमी के चलते करीब 1200 करोड़ रुपये के बिल लंबे समय से लंबित थे। इसके अलावा, लगभग 800 करोड़ रुपये की अन्य देनदारियां भी अटकी हुई थीं।
कुल मिलाकर, लगभग 2000 करोड़ रुपये की देनदारियों का भुगतान आम बजट के बाद संभव हो सकेगा। बीते दिनों भुगतान की मांग को लेकर ठेकेदारों ने मिशन निदेशक कार्यालय का घेराव भी किया था, जिससे मामला चर्चा में आ गया था।
समयसीमा बढ़ने से मिलेगी बड़ी राहत
योजना की अवधि को 31 मार्च 2028 तक बढ़ाए जाने से राज्य सरकार और कार्यदायी संस्थाओं को बड़ी राहत मिली है। अधिकारियों का कहना है कि इससे परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।
आम बजट 2026 के बाद उत्तराखंड में जल जीवन मिशन को लेकर नई उम्मीद जगी है। माना जा रहा है कि पर्याप्त बजट और बढ़ी हुई समयसीमा से राज्य में हर घर तक सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य जल्द पूरा किया जा सकेगा।