देहरादून में जनगणना ड्यूटी के दौरान एक सहायक अध्यापिका पर रॉटविलर नस्ल के कुत्ते के हमले का मामला सामने आया है। घटना में शिक्षिका के हाथ पर गहरे जख्म आए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम ने कुत्ते के मालिक पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही भविष्य में लापरवाही मिलने पर एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी भी दी गई है।
घटना रविवार शाम इंद्रानगर क्षेत्र के मलिक चौक के पास की बताई जा रही है। प्राथमिक विद्यालय पंडितवाड़ी में तैनात सहायक अध्यापिका आशा भंडारी जनगणना कार्य के तहत घर-घर जाकर जानकारी एकत्र कर रही थीं। इसी दौरान वह इंद्रानगर कॉलोनी स्थित एक मकान पर पहुंचीं।
काफी देर इंतजार के बाद खोला गेट, तभी हुआ हमला
जानकारी के अनुसार शिक्षिका ने घर का दरवाजा खटखटाया, लेकिन काफी देर तक कोई बाहर नहीं आया। जनगणना कार्य समय पर पूरा करने के दबाव के चलते उन्होंने जैसे ही मकान का मुख्य गेट खोला, आंगन में खुले घूम रहे रॉटविलर ने उन पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से शिक्षिका संभल नहीं सकीं और उनके हाथ पर गहरे घाव हो गए।
स्थानीय लोगों की मदद से किसी तरह उन्हें कुत्ते से छुड़ाया गया। बाद में घायल शिक्षिका को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
मकान के बाहर नहीं लगा था चेतावनी बोर्ड
नगर निगम अधिकारियों की जांच में सामने आया कि संबंधित मकान के बाहर “Beware of Dog” या कुत्ते से सावधान संबंधी कोई चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया था। अधिकारियों का कहना है कि यदि बाहर चेतावनी लिखी होती तो प्रगणक सावधानी बरत सकती थीं और घटना टाली जा सकती थी।
कुत्ते का पंजीकरण भी नहीं कराया गया था रिन्यू
नगर निगम के अनुसार रॉटविलर कुत्ते का पंजीकरण वर्ष 2021 में कराया गया था, जिसकी वैधता केवल एक साल के लिए थी। इसके बाद मालिक ने पंजीकरण का नवीनीकरण नहीं कराया। वहीं, कुत्ते के वैक्सीनेशन संबंधी प्रमाण भी स्पष्ट रूप से प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
मामले में नगर निगम ने कुत्ते के मालिक अजय नेगी पर नई नियमावली के तहत 25 हजार रुपये का चालान किया। साथ ही शपथपत्र भी लिया गया कि भविष्य में दोबारा ऐसी लापरवाही सामने आने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निगम ने दी एफआईआर की चेतावनी
वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वरुण अग्रवाल ने बताया कि कुत्ते का पंजीकरण रिन्यू नहीं कराया गया था और न ही मकान के बाहर चेतावनी बोर्ड लगाया गया था। इसी कारण नई नियमावली के तहत जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने कहा कि यह पहला मामला होने के कारण फिलहाल चेतावनी दी गई है, लेकिन दोबारा शिकायत मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।