देहरादून: उत्तराखंड कांग्रेस में टिकट और संगठन में बड़े पद दिलाने के नाम पर हुई कथित ठगी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। राष्ट्रीय नेतृत्व की छवि से जुड़े इस प्रकरण में कांग्रेस हाईकमान की ओर से अब तक किसी तरह की आंतरिक जांच नहीं कराए जाने पर सवाल उठने लगे हैं। पार्टी के भीतर भी इस मामले को लेकर नाराजगी और चर्चाओं का दौर जारी है।
दरअसल, तीन मई 2026 को कांग्रेस से जुड़ी महिला नेता भावना पांडे ने देहरादून के राजपुर थाने में 25 लाख रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि एक व्यक्ति ने खुद को राहुल गांधी का निजी सचिव (पीएस) बताकर उन्हें पार्टी में बड़ा पद और चुनाव में टिकट दिलाने का भरोसा दिया और इसके एवज में लाखों रुपये ठग लिए।
मामले के खुलासे के बाद सामने आया कि आरोपी ने केवल भावना पांडे ही नहीं, बल्कि कांग्रेस के कई बड़े नेताओं से भी संपर्क साधा था। आरोपी ने खुद को राहुल गांधी का पीएस “कनिष्ठ सिंह” बताकर नेताओं के बीच विश्वास कायम किया। बताया जा रहा है कि उसने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, वरिष्ठ नेता डॉ. हरक सिंह रावत, प्रीतम सिंह समेत कई नेताओं से बातचीत की थी।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी नेताओं को यह भरोसा दिलाता था कि उसकी सीधी पहुंच कांग्रेस हाईकमान तक है और वह संगठन में बड़े बदलाव करा सकता है। उसने पार्टी में महत्वपूर्ण पद दिलाने, आगामी चुनावों में टिकट सुनिश्चित कराने और यहां तक कि प्रदेश अध्यक्ष को हटाने जैसी बातें कहकर लोगों से पैसों की मांग की।
मामला सामने आने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इसे अपने खिलाफ साजिश बताया था। उन्होंने कहा था कि पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए और यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि जिन लोगों ने पैसे दिए, उनकी मंशा क्या थी। हालांकि, इतने गंभीर आरोपों के बावजूद कांग्रेस हाईकमान की ओर से पार्टी स्तर पर कोई जांच शुरू नहीं की गई।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मामला केवल आर्थिक ठगी तक सीमित नहीं है, बल्कि कांग्रेस संगठन और राष्ट्रीय नेतृत्व की विश्वसनीयता से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में हाईकमान की निष्क्रियता कई सवाल खड़े कर रही है।
इधर, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। हालांकि अब तक मामले में कोई बड़ा खुलासा नहीं हो पाया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि पुलिस को मामले की निष्पक्ष जांच कर पूरी सच्चाई सामने लानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब पुलिस की ओर से पुख्ता तथ्य सामने आएंगे, तभी पार्टी अपने स्तर पर भी जांच पर विचार करेगी। साथ ही उन्होंने पुलिस जांच की धीमी गति पर भी सवाल उठाए।