Venezuela Crisis: फुएर्ते तिउना सैन्य बेस की सैटेलाइट तस्वीरें जारी, अमेरिकी हमले में भारी तबाही; काराकास में ब्लैकआउट

वेनेजुएला में राजनीतिक और सैन्य संकट गहराता जा रहा है। अमेरिका द्वारा किए गए सैन्य हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो व उनकी पत्नी की गिरफ्तारी की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनसनी फैला दी है। इस बीच राजधानी काराकास स्थित वेनेजुएला के सबसे बड़े सैन्य अड्डे फुएर्ते तिउना की सैटेलाइट तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें अमेरिकी हमले के बाद हुई भारी तबाही साफ तौर पर नजर आ रही है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने शनिवार को काराकास में स्थित फुएर्ते तिउना सैन्य बेस को निशाना बनाते हुए बड़ा सैन्य ऑपरेशन अंजाम दिया था। इसी कार्रवाई के दौरान राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आईं। अब वेंटोर (Ventor) द्वारा जारी सैटेलाइट इमेजरी में बेस के भीतर अमेरिकी स्ट्राइक के स्पष्ट निशान देखे जा सकते हैं।

सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि फुएर्ते तिउना सैन्य परिसर के अंदर कम से कम छह इमारतों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। एक तस्वीर में परिसर के उत्तरी हिस्से में स्थित लाल छत वाली एक बड़ी इमारत से धुआं उठता हुआ दिखाई दे रहा है। वहीं इसके दक्षिणी हिस्से में मौजूद तीन छोटी इमारतें लगभग पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला रणनीतिक रूप से बेहद सटीक था, जिससे सैन्य और बुनियादी ढांचे को बड़ा नुकसान पहुंचा है।

अमेरिकी हमले के बाद अंधेरे में डूबी काराकास

अमेरिकी बमबारी के बाद वेनेजुएला की राजधानी काराकास और आसपास के इलाकों में भय और अफरा-तफरी का माहौल है। हवाई हमलों में शहर के कई अहम ढांचे नष्ट हो गए हैं। बिजली ग्रिड को भारी क्षति पहुंचने के कारण पूरा काराकास अंधेरे में डूब गया है। मोबाइल नेटवर्क, इंटरनेट और अन्य संचार सेवाएं ठप हो चुकी हैं। बाजार बंद हैं और सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है।

भारतीय समुदाय ने बताए भयावह हालात

काराकास में रह रहे भारतीय समुदाय के सदस्य सुनील मल्होत्रा ने बताया कि हालात बेहद डरावने हैं। उनके मुताबिक, एयरपोर्ट पर भी हमला किया गया है और राजधानी से करीब 100 किलोमीटर दूर स्थित देश के सबसे बड़े एयरबेस को भी निशाना बनाया गया। उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा नुकसान फुएर्ते तिउना इलाके में हुआ है, जहां से बड़े हिस्से को बिजली की आपूर्ति होती थी।

हमलों के बाद सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह ठप हो गया है और लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। खाने-पीने के सामान के लिए लोगों को लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है। बड़े सुपरमार्केट बंद हैं, जबकि मोहल्लों की छोटी दुकानों पर ही सीमित गतिविधि देखने को मिल रही है। ब्रेड और दवाइयों की दुकानों पर सबसे ज्यादा भीड़ देखी जा रही है।

मोबाइल चार्ज करना भी बना चुनौती

बिजली आपूर्ति ठप होने से आम लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं। एक अन्य भारतीय नागरिक ने बताया कि उसे मोबाइल फोन चार्ज करने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलकर एक स्ट्रीटलाइट के पास जाना पड़ा। घंटों इंतजार के बाद किसी तरह फोन चार्ज हो पाया। हालांकि सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पुलिस ने लोगों को वहां से हटने के निर्देश दिए, लेकिन बिजली बहाल होने को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

कुल मिलाकर, अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और सत्ता से जुड़े घटनाक्रमों के बाद वेनेजुएला गंभीर राजनीतिक, मानवीय और बुनियादी ढांचे के संकट से जूझ रहा है। हालात कब सामान्य होंगे, इसे लेकर फिलहाल अनिश्चितता बनी हुई है।

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