टनकपुर/खटीमा: देवभूमि के युवाओं का भारतीय सेना के प्रति जज्बा और समर्पण एक बार फिर रंग लाया है। जनपद चंपावत के टनकपुर (नायकगोठ) निवासी कार्तिक सिंह ज्याला ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे उत्तराखंड का नाम रोशन किया है।
चेन्नई में सजे कंधों पर सितारे
बीते शनिवार को तमिलनाडु के चेन्नई स्थित प्रतिष्ठित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (OTA) में भव्य पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया। सैन्य परंपराओं और अनुशासन के बीच आयोजित इस दीक्षांत समारोह में कार्तिक सिंह ज्याला ने अंतिम पग पार कर आधिकारिक तौर पर सेना में अधिकारी के रूप में अपनी सेवा शुरू की। इस गौरवमयी पल के दौरान वहां मौजूद उनके माता-पिता ने उनके कंधों पर सितारे सजाए, जिसे देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखें गर्व से नम हो गईं।
शुरुआत से ही रहा मेधावी सफर
कार्तिक की इस सफलता के पीछे उनकी वर्षों की कड़ी मेहनत और अनुशासित जीवनशैली है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा (हाईस्कूल व इंटरमीडिएट) राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल, बेंगलुरु से पूरी की। सैन्य स्कूल के माहौल ने उनके भीतर शुरू से ही देश सेवा का जज्बा पैदा कर दिया था। इसके पश्चात उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीएससी (B.Sc) की डिग्री प्राप्त की और अंततः अपने सपने को हकीकत में बदलते हुए ओटीए चेन्नई में प्रवेश पाया।
सैन्य परिवार से है गहरा नाता
देश सेवा कार्तिक के खून में है। उनके पिता, रमेश सिंह ज्याला, स्वयं भारतीय सेना की एएमसी (AMC) शाखा में सूबेदार के पद पर कार्यरत हैं। वहीं उनकी माता, बबीता ज्याला, दिल्ली के एक विद्यालय में शिक्षिका के रूप में बच्चों का भविष्य संवार रही हैं। कार्तिक ने अपनी इस अभूतपूर्व सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता के मार्गदर्शन और उनके द्वारा किए गए त्याग को दिया है।
कार्तिक की इस उपलब्धि पर उनके पैतृक गांव नायकगोठ और आसपास के क्षेत्रों में खुशी की लहर है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इसे चंपावत जिले के लिए एक गौरवशाली उपलब्धि बताया है।