देहरादून। अंतरराष्ट्रीय महिला एवं बालिका विज्ञान दिवस के अवसर पर उत्तराखंड में बालिकाओं को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया। इस मौके पर आयोजित ‘शी फॉर स्टेम उत्तराखंड’ विषयक कार्यशाला में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में पांच होनहार छात्राओं को ‘शी फॉर स्टेम’ योजना के तहत छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभाशाली बेटियों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) के क्षेत्रों में शिक्षा और करियर के लिए प्रेरित करना है। इसके तहत छात्राओं को न केवल आर्थिक सहायता दी जाएगी, बल्कि स्टेम आधारित स्टार्टअप शुरू करने के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही महिला प्रौद्योगिकी केंद्रों में स्वयं सहायता समूहों को जोड़ा जाएगा, ताकि महिलाएं आधुनिक तकनीक से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। महिलाओं और बालिकाओं को नई तकनीकों से जोड़ना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि देश में स्टेम क्षेत्रों से स्नातक होने वाले विद्यार्थियों में लगभग 42 से 43 प्रतिशत छात्राएं हैं, जो कई विकसित देशों की तुलना में अधिक है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि भारत की बेटियां विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही हैं और नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।
कार्यशाला के दौरान मुख्यमंत्री ने 20 छात्राओं को 50-50 हजार रुपये की छात्रवृत्ति भी प्रदान की। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए InMobi, विज्ञानशाला इंटरनेशनल, यूकॉस्ट तथा उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की सराहना की।
कार्यक्रम में विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, सचिव रंजीत सिन्हा, यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बेटियों को शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में हर संभव सहयोग देकर उन्हें सशक्त बनाना है, ताकि वे प्रदेश और देश के विकास में अहम भूमिका निभा सकें।