देहरादून।
उत्तराखंड में बढ़ते अपराधों और बिगड़ती कानून-व्यवस्था के बीच राज्य सरकार ने पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शुक्रवार देर शाम पुलिस विभाग में 20 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए गए। इस सूची में प्रदेश के आठ जिलों के पुलिस कप्तान भी शामिल हैं।
देहरादून में 48 घंटे के भीतर दो हत्याओं की घटनाओं के बाद एसएसपी अजय सिंह को पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह हरिद्वार के एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल को देहरादून का नया वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं, अजय सिंह को एसएसपी एसटीएफ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एसटीएफ में तैनात एसएसपी नवनीत सिंह को हरिद्वार का नया एसएसपी बनाया गया है।
ऊधमसिंह नगर के एसएसपी मणिकांत मिश्रा को एसपी अभिसूचना के पद पर तैनात किया गया है। उनकी जगह चंपावत के एसपी अजय गणपति कुम्भार को ऊधमसिंह नगर भेजा गया है। चंपावत की जिम्मेदारी अब पिथौरागढ़ की एसपी रेखा यादव को सौंपी गई है। रुद्रप्रयाग के एसपी अक्षय प्रहलाद कोण्डे को पिथौरागढ़ का नया एसपी बनाया गया है, जबकि एसपी अपराध एवं यातायात ऊधमसिंह नगर निहारिका तोमर को रुद्रप्रयाग भेजा गया है।
इसके अतिरिक्त, एसपी अपराध एवं यातायात हरिद्वार जितेंद्र कुमार मेहरा को एसपी बागेश्वर नियुक्त किया गया है। एसपी बागेश्वर चंद्रशेखर आर. घोड़के को एसएसपी अल्मोड़ा की जिम्मेदारी दी गई है। एसएसपी अल्मोड़ा देवेंद्र पींचा को 31वीं वाहिनी पीएसी में सेनानायक पद पर तैनात किया गया है।
गृह सचिव शैलेश बगोली की ओर से जारी आदेश के अनुसार, पुलिस उप महानिरीक्षक एसडीआरएफ निवेदिता कुकरेती को एसडीआरएफ में आईजी बनाया गया है। एसएसपी विजिलेंस प्रह्लाद नारायण मीणा को डीआईजी विजिलेंस नियुक्त किया गया है। 31वीं वाहिनी पीएसी के सेनानायक यशवंत सिंह को पीटीसी नरेंद्रनगर में प्रधानाचार्य बनाया गया है।
इसके अलावा, एसपी अभिसूचना प्रदीप कुमार राय को एसपी सीबीसीआईडी, एसपी हरिद्वार जितेंद्र चौधरी को एसपी अपराध एवं यातायात ऊधमसिंह नगर, एसपी हरिद्वार निशा यादव को एसपी अपराध एवं यातायात हरिद्वार, एएसपी सीआईडी मनोज ठाकुर को एएसपी कोटद्वार और एएसपी चंद्रमोहन सिंह को एसपी क्षेत्रीय अभिसूचना के पद पर तैनात किया गया है।
अपराध पर लगाम लगाने के निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि अपराध नियंत्रण के लिए केवल घटनाओं के बाद की कार्रवाई तक सीमित न रहा जाए, बल्कि पूर्व-निवारक रणनीति को भी मजबूत किया जाए। उन्होंने मुखबिर तंत्र को प्रभावी बनाने, अपराधियों में कानून का भय पैदा करने और आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आम नागरिक बिना किसी भय के पुलिस के पास अपनी शिकायत लेकर जाए और उसे त्वरित न्याय मिले। सरकार स्पष्ट कर चुकी है कि उत्तराखंड में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं होगी और कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।