उत्तराखंड के घनसाली विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक बलवीर सिंह नेगी का 77 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और देहरादून स्थित कैलाश अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही घनसाली सहित पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई।
बलवीर सिंह नेगी उत्तराखंड की राजनीति के एक वरिष्ठ और अनुभवी नेता रहे। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत उत्तर प्रदेश के समय में की थी। वर्ष 1988 में वे जनता दल के टिकट पर पहली बार विधायक बने और लगभग 11 माह तक विधानसभा सदस्य रहे। इसके बाद उत्तराखंड राज्य गठन के पश्चात भी वे सक्रिय राजनीति में बने रहे और जनहित से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाते रहे।
वर्ष 2002 में उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के टिकट पर घनसाली विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर विधायक बनने का गौरव हासिल किया। इसके बाद वर्ष 2007 में वे कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गए। अपने लंबे राजनीतिक करियर के दौरान उन्होंने क्षेत्र के विकास, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए सदन और सरकार के स्तर पर निरंतर प्रयास किए।
उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सभी ने उन्हें एक सरल, सहज और जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील नेता बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बलवीर सिंह नेगी का निधन उत्तराखंड की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है।