उत्तराखंड: जौनसार-बावर में सादगी की पहल, महंगे होटलों में शादी पर प्रतिबंध; नियम तोड़ने पर 1 लाख का जुर्माना

उत्तराखंड के जौनसार-बावर क्षेत्र में शादी-विवाह और अन्य सामाजिक आयोजनों में बढ़ती फिजूलखर्ची को रोकने के लिए ग्रामीणों ने एक अहम और सख्त निर्णय लिया है। खत शिलगांव के पंचरा-भंजरा स्थित महासू देवता मंदिर परिसर में आयोजित ग्रामसभा की बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि अब क्षेत्र में महंगे होटलों, पार्कों और फार्म हाउसों में विवाह समारोह आयोजित नहीं किए जाएंगे।

बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि दिखावे की प्रवृत्ति के कारण शादी-विवाह पर अत्यधिक खर्च हो रहा है, जिससे कई परिवार कर्ज के बोझ तले दब जाते हैं। इसी सामाजिक समस्या को देखते हुए यह नियम लागू करने का निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता खत स्याणा तुलसी राम शर्मा ने की, जिसमें क्षेत्र के अनेक वरिष्ठ नागरिक और ग्रामीण मौजूद रहे।

बैठक में यह भी तय हुआ कि शादी-विवाह के सभी कार्यक्रम गांव और घरों में ही आयोजित किए जाएंगे। किसी भी तरह के महंगे विवाह स्थल, होटल, पार्क या फार्म में आयोजन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके साथ ही विवाह समारोहों में महिलाओं द्वारा अधिक गहने पहनने पर भी रोक लगा दी गई है। तय नियमों के अनुसार महिलाएं शादी के दौरान अधिकतम तीन गहने ही पहन सकेंगी।

ग्रामीणों ने यह भी फैसला लिया कि विवाह और अन्य आयोजनों में डीजे, फास्ट फूड और बीयर जैसे खर्चीले और दिखावटी इंतजामों पर भी पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। पहली शादी में न्यौते (शगुन) के रूप में अधिकतम 100 रुपये देने का नियम तय किया गया है, जबकि कन्यादान अपनी इच्छा और क्षमता के अनुसार दिया जा सकेगा।

बैठक में यह स्पष्ट चेतावनी भी दी गई कि यदि कोई भी ग्रामीण इन सामाजिक नियमों का उल्लंघन करता है, तो उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही नियम तोड़ने वाले व्यक्ति का सामाजिक बहिष्कार भी किया जाएगा।

ग्रामीणों का मानना है कि इस फैसले से समाज में सादगी को बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिलेगी। जौनसार-बावर क्षेत्र में लिया गया यह निर्णय अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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