देहरादून। उत्तराखंड में एलपीजी गैस के अवैध भंडारण और कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने व्यापक अभियान चलाया। विभाग की टीमों ने राज्य के विभिन्न जिलों में छापेमारी करते हुए 58 स्थानों पर कार्रवाई की, जहां से 74 गैस सिलिंडर जब्त किए गए। इसके साथ ही चार मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, राज्य में एलपीजी और अन्य ईंधन की उपलब्धता तथा वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान विभागीय टीमों ने कुल 280 स्थानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई जगहों पर नियमों का उल्लंघन और अवैध भंडारण के मामले सामने आए, जिन पर तुरंत कार्रवाई की गई।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के आयुक्त रुचि मोहन रयाल ने बताया कि 10 से 12 मार्च के बीच विभिन्न जिलों में यह विशेष अभियान चलाया गया। निरीक्षण के दौरान 74 एलपीजी सिलिंडरों को जब्त किया गया, जबकि चार मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है।
उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान एक कांटा (वजन मापने का उपकरण) और दो अवैध रिफिलिंग किट भी बरामद की गईं, जिन्हें विभाग ने जब्त कर लिया है। इसके अलावा अनियमितताएं पाए जाने पर विभाग की ओर से 4,600 रुपये का अर्थदंड भी वसूला गया है।
आयुक्त ने कहा कि राज्य सरकार उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर गैस और ईंधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। किसी भी तरह की कालाबाजारी, जमाखोरी या अवैध रिफिलिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी विभाग की ओर से इसी तरह निरीक्षण अभियान जारी रहेंगे, ताकि गैस वितरण व्यवस्था पारदर्शी और सुचारु बनी रहे तथा उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।