भराड़ीसैंण (चमोली)। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में सोमवार से राज्य का बजट सत्र शुरू होने जा रहा है। सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण के साथ होगी। बजट सत्र को लेकर राजनीतिक माहौल भी गरमाने लगा है, क्योंकि जहां सरकार सदन के भीतर अपनी नीतियों और योजनाओं को लेकर सक्रिय नजर आएगी, वहीं विपक्ष विभिन्न मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगा।
करीब सात महीने बाद धामी सरकार ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण पहुंच रही है। माना जा रहा है कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए सरकार इस बार के बजट में कई महत्वपूर्ण योजनाओं और घोषणाओं को शामिल कर सकती है। दूसरी ओर विपक्ष भी सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है।
सत्र के पहले दिन उक्रांद का प्रदर्शन
बजट सत्र के पहले दिन उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) ने विधानसभा घेराव का कार्यक्रम तय किया है। पार्टी कार्यकर्ता राज्य की स्थायी राजधानी की मांग, पलायन, बेरोजगारी और अन्य क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर प्रदर्शन करेंगे। उक्रांद के इस प्रदर्शन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है।
10 मार्च को कांग्रेस करेगी विरोध
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया है। कांग्रेस 10 मार्च को अंकिता भंडारी हत्याकांड, मनरेगा से जुड़े मुद्दों और अन्य जनसरोकारों को लेकर विरोध प्रदर्शन करेगी। पार्टी का कहना है कि सरकार इन मामलों में संतोषजनक जवाब नहीं दे रही है, इसलिए जनता की आवाज को उठाने के लिए सड़क पर उतरना जरूरी है।
विधानसभा सत्र को लेकर सुरक्षा कड़ी
बजट सत्र को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरूगेशन ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की और ड्यूटी में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस दौरान चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने भी पुलिस बल को संबोधित करते हुए सतर्कता और अनुशासन के साथ ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए।
बड़ी संख्या में पुलिस बल रहेगा तैनात
विधानसभा सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए चार अपर पुलिस अधीक्षक, दस पुलिस उपाधीक्षक, 44 प्रभारी निरीक्षक और थाना प्रभारी, 90 उपनिरीक्षक व अपर उपनिरीक्षक, 32 महिला उपनिरीक्षक, 434 मुख्य आरक्षी और आरक्षी, 60 महिला आरक्षी तथा 38 यातायात पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।
इसके अलावा 207 सशस्त्र पुलिस जवान, 120 होमगार्ड के साथ ही पीएसी, एटीएस, एसडीआरएफ, बीडीएस और हॉक टीम को भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है।
बजट सत्र के दौरान सदन के भीतर राजनीतिक बहस और सड़क पर विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के चलते प्रदेश की राजनीति के गर्माने की पूरी संभावना जताई जा रही है।