देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी के लक्ष्य के साथ भाजपा ने पहली बार मंडल स्तर तक व्यापक प्रशिक्षण अभियान शुरू किया है। प्रदेश के सभी 304 मंडलों में सात प्रमुख विषयों पर कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि चुनावी सफलता के लिए संगठनात्मक मजबूती बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से “पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान” के तहत मंडल स्तर तक कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
सात विषयों पर होगा विशेष प्रशिक्षण
मंडल स्तर पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में बूथ प्रबंधन, संगठन की कार्य पद्धति, कार्य विस्तार, वैचारिक अधिष्ठान सहित सात महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। इस प्रशिक्षण में एक रात्रि प्रवास भी रखा गया है, जिससे कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय और रणनीतिक समझ विकसित हो सके।
भाजपा का लक्ष्य है कि प्रत्येक बूथ पर संगठन की पकड़ मजबूत हो और हर मतदाता तक सरकार की योजनाओं व उपलब्धियों की जानकारी प्रभावी रूप से पहुंचाई जा सके।
जिला और प्रदेश स्तर पर भी होंगे गहन सत्र
मंडल स्तर के बाद जिला स्तर पर 10 से अधिक विषयों पर प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा, जिसमें दो रात्रि प्रवास का प्रावधान रहेगा। वहीं प्रदेश स्तर पर इससे अधिक विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण सत्र होंगे, जिनमें तीन रात्रि प्रवास शामिल होंगे।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से संगठन को जमीनी स्तर तक सक्रिय और संगठित करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
अन्य दलों से आए नेताओं के लिए अलग वर्ग
भाजपा ने दूसरे दलों से पार्टी में शामिल हुए नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए भी अलग से प्रशिक्षण वर्ग लगाने का निर्णय लिया है। इन सत्रों में उन्हें पार्टी की विचारधारा, संगठनात्मक संस्कृति और चुनावी रणनीति से अवगत कराया जाएगा, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी भूमिका प्रभावी बन सके।
प्रदेश अध्यक्ष का बयान
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत सुनिश्चित करने के लिए पहली बार मंडल स्तर तक प्रशिक्षण अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि बड़े पैमाने पर आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य हर कार्यकर्ता की पहुंच आम मतदाता तक मजबूत करना है, ताकि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं एवं उपलब्धियां जन-जन तक पहुंच सकें।
भाजपा की यह रणनीति आगामी चुनावों में संगठनात्मक शक्ति को और धार देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।