देहरादून। उत्तराखंड में बड़े स्तर पर चल रहे बुनियादी ढांचा विकास कार्यों को लेकर सरकार ने निगरानी तंत्र मजबूत किया है। राज्य में कुल 3.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश वाली 42 मेगा परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। ताजा प्रगति रिपोर्ट के अनुसार इन परियोजनाओं से जुड़े कुल निवेश का 96 प्रतिशत से अधिक हिस्सा इस समय निर्माण और क्रियान्वयन चरण में है।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक इन 42 परियोजनाओं में से 15 बड़ी परियोजनाएं, जिनकी अनुमानित लागत 1.22 लाख करोड़ रुपये है, केंद्र की प्रगति (PRAGATI) प्रणाली के तहत समीक्षा में शामिल हैं। ये सभी परियोजनाएं राष्ट्रीय महत्व की आधारभूत संरचना से जुड़ी हैं और इन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए उच्च स्तर पर निगरानी की जा रही है।
मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने कहा कि राज्य तेजी से एक उभरते हिमालयी विकास मॉडल के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। कनेक्टिविटी, बिजली उत्पादन, तीर्थयात्रा मार्ग, विमानन और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निरंतर निवेश और कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए विकास योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।
परियोजनाओं की स्थिति के अनुसार 42 में से 10 परियोजनाएं पूरी होकर संचालित हो चुकी हैं। इन पूर्ण परियोजनाओं में लगभग एक लाख करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। शेष 32 परियोजनाएं अभी विभिन्न चरणों में निर्माणाधीन हैं, जिन पर करीब 3.3 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
संचालित हो चुकी 10 परियोजनाओं में से तीन परियोजनाएं — जिनकी लागत 8,205 करोड़ रुपये है — की समीक्षा पीआरएसी तंत्र के तहत की गई है। सेक्टरवार विवरण में सड़क और राजमार्ग की चार, तेल और गैस की तीन, विद्युत उत्पादन की एक, विमानन अवसंरचना की एक और शिक्षा क्षेत्र की एक परियोजना शामिल है। इनसे राज्य में सड़क संपर्क, ऊर्जा आपूर्ति और हवाई सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
निर्माणाधीन 32 परियोजनाओं में से 12 परियोजनाएं फिलहाल प्रगति प्रणाली के तहत विशेष निगरानी सूची में रखी गई हैं, ताकि अड़चनों को शीघ्र दूर कर परियोजनाओं को तय समय में पूरा किया जा सके। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन को बड़ा बल मिलेगा।