वॉशिंगटन। अमेरिका में शिक्षा प्राप्त कर रहे भारतीय छात्रों के लिए अमेरिकी दूतावास ने सख्त चेतावनी जारी की है। दूतावास ने कहा है कि अमेरिकी कानूनों और वीजा नियमों का उल्लंघन करने वाले छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें वीजा रद्द होना और अमेरिका से डिपोर्ट किया जाना भी शामिल है। दूतावास ने दोहराया कि अमेरिकी वीजा किसी का अधिकार नहीं, बल्कि एक विशेष सुविधा है।
अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया के माध्यम से जारी संदेश में स्पष्ट किया कि यदि कोई छात्र अमेरिका में रहते हुए कानून तोड़ता है या किसी भी तरह के नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसका छात्र वीजा तत्काल प्रभाव से रद्द किया जा सकता है। इसके साथ ही उसे अपने देश वापस भेजा जा सकता है और भविष्य में अमेरिका का वीजा पाने पर भी रोक लग सकती है।
दूतावास ने भारतीय छात्रों से अपील की है कि वे अमेरिका में पढ़ाई के दौरान स्थानीय कानूनों, विश्वविद्यालय के दिशा-निर्देशों और वीजा की शर्तों का पूरी तरह पालन करें। संदेश में कहा गया, “नियमों का पालन करें और अपनी यात्रा को खतरे में न डालें। अमेरिकी वीजा एक सुविधा है, अधिकार नहीं।”
यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब कुछ महीने पहले ट्रंप प्रशासन ने छात्र वीजा प्रक्रिया में बड़े बदलावों का ऐलान किया था। इन प्रस्तावित बदलावों में वीजा शुल्क में बढ़ोतरी, आवेदकों के सोशल मीडिया अकाउंट्स की अनिवार्य जांच और छात्रों के अमेरिका में रहने की अवधि को सीमित करने जैसे प्रावधान शामिल हैं। इन कदमों का सीधा असर अमेरिका में उच्च शिक्षा की योजना बना रहे भारतीय छात्रों पर पड़ने की आशंका है।
इन सभी बदलावों के केंद्र में ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल’ है, जिस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 4 जुलाई 2025 को हस्ताक्षर किए थे। इस बिल के जरिए आव्रजन और वीजा नियमों को और अधिक सख्त करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी दूतावास की यह चेतावनी भारतीय छात्रों के लिए एक स्पष्ट संकेत है कि विदेश में पढ़ाई के दौरान कानूनों और नियमों के प्रति किसी भी तरह की लापरवाही उनके करियर और भविष्य पर भारी पड़ सकती है।