देहरादून: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा घोषित सिविल सेवा परीक्षा के परिणामों में इस बार देवभूमि उत्तराखंड के युवाओं ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। राज्य के विभिन्न जिलों से आए अभ्यर्थियों ने शीर्ष रैंक हासिल कर न केवल अपने माता-पिता, बल्कि पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है। इस सफलता की सूची में बेटियों का प्रदर्शन विशेष रूप से सराहनीय रहा है।
असफलता को बनाया सीढ़ी: प्रिया सिंह चौहान की गौरवशाली जीत
ऊधमसिंह नगर जिले के काशीपुर की प्रिया सिंह चौहान ने अपनी अटूट मेहनत से मिसाल कायम की है। प्रिया ने कुल चार बार यूपीएससी की कठिन परीक्षा दी। शुरुआती असफलताओं ने उनके हौसले को डगमगाने नहीं दिया, बल्कि उन्होंने अपनी गलतियों से सीखा और निरंतर आगे बढ़ती रहीं। अपने अंतिम प्रयास में उन्होंने 45वीं रैंक हासिल कर यह साबित कर दिया कि दृढ़ संकल्प से किसी भी लक्ष्य को पाया जा सकता है।
मीनल और अनुज ने भी लहराया परचम
राजधानी देहरादून की मीनल नेगी (मूल रूप से टिहरी निवासी) ने ऑल इंडिया 66वीं रैंक प्राप्त कर सफलता का परचम लहराया है। मीनल की इस उपलब्धि से टिहरी और देहरादून दोनों जिलों में खुशी की लहर है। वहीं, बाराकोट के अनुज पंत ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 69वीं रैंक हासिल की और राज्य के टॉपर्स की सूची में जगह बनाई।
हरिद्वार और पिथौरागढ़ के युवाओं का कमाल
धर्मनगरी हरिद्वार के सिडकुल निवासी आयन सिंह ने 104वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। इसके अलावा, पिथौरागढ़ के आदित्य पाठक ने 189वीं रैंक प्राप्त की, जबकि बहादराबाद (हरिद्वार) के अत्मलपुर बोंगला गांव के रहने वाले तुषार चौहान ने 216वीं रैंक पाकर अपनी मेधा का परिचय दिया।
विभिन्न क्षेत्रों से आए सफल अभ्यर्थियों की सूची
उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों से भी इस बार कई प्रतिभाएं उभरकर सामने आई हैं:
| अभ्यर्थी का नाम | स्थान | रैंक |
| प्रिया सिंह चौहान | काशीपुर | 45 |
| मीनल नेगी | देहरादून (मूल निवासी टिहरी) | 66 |
| अनुज पंत | बाराकोट | 69 |
| आर्यन सिंह | हरिद्वार (सिडकुल) | 104 |
| आदित्य पाठक | पिथौरागढ़ | 189 |
| तुषार चौहान | बहादराबाद (हरिद्वार) | 216 |
| अनुप्रिया | लोहाघाट (टूड़ा तोक) | 258 |
| ऋषभ नौटियाल | पुरोला (सुनाली गांव) | 552 |
| स्वप्निल सेमवाल | कालसी (जखनोग गांव) | 600 |
| फैरुज फातिमा | पिरान कलियर (रुड़की) | 708 |
| सौम्या गर्ब्याल | भीमताल | 822 |
| आयुष सेमवाल | कालसी (जखनोग गांव) | 851 |
| आस्था चौहान | त्यूणी (बृनाड गांव) | 934 |
ग्रामीण अंचलों में जश्न का माहौल
विशेष बात यह है कि जखनोग गांव (कालसी) जैसे छोटे से गांव से दो युवाओं, स्वप्निल सेमवाल और आयुष सेमवाल ने सफलता प्राप्त की है। वहीं पुरोला के ऋषभ नौटियाल और त्यूणी की आस्था चौहान की सफलता ने यह साफ कर दिया है कि उत्तराखंड के दूरस्थ पहाड़ों में संसाधनों की कमी के बावजूद प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।
मुख्यमंत्री और राज्य के अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।