नीलकंठ महादेव के दर्शन कर वापस लौट रहे हरियाणा के पांच श्रद्धालु रास्ता भटककर घने जंगल में पहुंच गए। यह मामला Rishikesh क्षेत्र का है, जहां श्रद्धालु अनजाने में Rajaji National Park के कोर जोन में प्रवेश कर गए। श्रद्धालुओं के जंगल में फंसने की सूचना मिलते ही लक्ष्मणझूला पुलिस और वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
पुलिस के अनुसार, हरियाणा से आए पांचों युवक Neelkanth Mahadev Temple के दर्शन के बाद पैदल मार्ग से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान उन्होंने गलत रास्ता पकड़ लिया और घने जंगल की ओर बढ़ते चले गए। दुर्गम और सुनसान इलाके में पहुंचने के बाद उन्हें आगे का रास्ता समझ नहीं आया और वे जंगल में ही फंस गए।
जंगल में भटके श्रद्धालुओं ने किसी तरह मोबाइल फोन के माध्यम से थाना लक्ष्मणझूला पुलिस से संपर्क कर अपनी स्थिति की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मोबाइल सर्विलांस के जरिए उनकी लोकेशन ट्रेस की। जांच में पता चला कि सभी श्रद्धालु राजाजी टाइगर रिजर्व के कोर जोन में विंध्यवासिनी मंदिर से लगभग छह किलोमीटर दूर ‘महादेव पानी’ क्षेत्र में मौजूद हैं, जहां वन्यजीवों का खतरा बना रहता है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लक्ष्मणझूला पुलिस ने राजाजी नेशनल पार्क प्रशासन के साथ मिलकर संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया। करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के दौरान टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद जंगल में भटके सभी पांचों श्रद्धालुओं को सकुशल बाहर निकाल लिया। इस दौरान किसी प्रकार की जनहानि या चोट की सूचना नहीं है।
रेस्क्यू किए गए श्रद्धालुओं की पहचान चमन लाल, कुलदीप, साहिल, गोविंद और मनीष के रूप में हुई है, जो ग्राम जुरासी, हरियाणा के निवासी बताए गए हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिस टीम से वरिष्ठ उप निरीक्षक प्रकाश पोखरियाल, नवीन पुरोहित, मोहित, कुंवर प्रताप तथा वन विभाग की टीम से गौरव, हरि सिंह, केशव, सुरेंद्र सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
पुलिस और वन विभाग ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि नीलकंठ महादेव दर्शन के दौरान केवल निर्धारित और सुरक्षित मार्गों का ही उपयोग करें। साथ ही अनजान रास्तों और जंगल क्षेत्र में जाने से बचें, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।