नंदादेवी राजजात यात्रा 2026 की व्यापक तैयारियां: 26 पड़ावों पर अधिकारियों की तैनाती, डीएम गौरव कुमार ने जारी किए निर्देश

चमोली/उत्तराखंड।
उत्तराखंड की ऐतिहासिक एवं आस्था से जुड़ी श्री नंदादेवी राजजात यात्रा 2026 के सफल संचालन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। यात्रा मार्ग के कुल 26 प्रमुख पड़ावों पर प्रशासनिक निगरानी और व्यवस्थाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी गौरव कुमार के निर्देश पर पड़ाव अधिकारियों और नोडल अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है।

जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, सभी नामित अधिकारी अपने-अपने पड़ाव क्षेत्रों में पड़ाव समितियों के अध्यक्षों एवं पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे। अधिकारी नियमित रूप से पड़ाव स्थलों का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे और तैयारियों से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय एवं यात्राधिकारी, नंदा देवी राजजात यात्रा 2026 को सौंपेंगे।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। इसके तहत प्रत्येक पड़ाव स्थल पर अस्थायी शौचालय, स्वच्छ पेयजल, विद्युत आपूर्ति, सोलर लाइट, कूड़ा निस्तारण, अस्थायी पार्किंग और ठहरने की समुचित व्यवस्था की जाएगी। साथ ही यात्रा के दौरान लगने वाले भंडारों, ढाबों और दुकानों के लिए भी पहले से उपयुक्त स्थान चिन्हित किए जाएंगे, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि नंदादेवी राजजात यात्रा राज्य की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक परंपरा का प्रतीक है। लाखों श्रद्धालुओं की सहभागिता को देखते हुए प्रशासन सभी विभागों के समन्वय से यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

पड़ाव अधिकारियों की तैनाती इस प्रकार की गई है:
नौटी – ईई, लोनिवि गौचर; ईड़ाबधाड़ी – अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका कर्णप्रयाग; कांसुवा एवं मध्य पड़ाव चांदपुरगढ़ी – बीडीओ गैरसैंण; सेम – बीडीओ कर्णप्रयाग; कोटी – ईई, जल संस्थान कर्णप्रयाग; भगोती – बीडीओ नारायणबगड़; कुलसारी – ईई, ऊर्जा निगम नारायणबगड़; चैपड़ों एवं मध्य पड़ाव थराली – अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत थराली; नंदकेशरी एवं मध्य पड़ाव ग्वालदम – ईई, सिंचाई थराली; फल्दियागांव एवं मध्य पड़ाव देवाल – ईई, पेयजल निगम कर्णप्रयाग; मुंदोली एवं मध्य पड़ाव लोहाजंग – ईई, लोनिवि थराली; वाण – बीडीओ देवाल; डुंग्री – ईई, पीएमजीएसवाई कर्णप्रयाग; सुना – बीडीओ थराली; गैरोली पातल – वन क्षेत्राधिकारी, मध्य पिंडर थराली; वेदनी बुग्याल – उप प्रभागीय वनाधिकारी, उप वन प्रभाग थराली; पातरनचौड़िया – वन क्षेत्राधिकारी देवाल; चंदनियाघाट – वन क्षेत्राधिकारी नंदप्रयाग; सुतोल – बीडीओ नंदानगर; नंदानगर – अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत नंदानगर; उस्तोली – ईई, लोनिवि कर्णप्रयाग; रामणी – ईई, पीएमजीएसवाई कर्णप्रयाग; भेंटी – ईई, ग्रामीण निर्माण विभाग गोपेश्वर; कनोल – ईई, विद्युत वितरण खंड गोपेश्वर; कुरुड़ – ईई, सिंचाई खंड चमोली।

प्रशासन का कहना है कि सभी विभागों के समन्वय से नंदादेवी राजजात यात्रा 2026 को सुव्यवस्थित और ऐतिहासिक बनाया जाएगा।

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