मुजफ्फरनगर:
नए साल की पार्टी के शौक ने मुजफ्फरनगर में रेलवे सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाल दिया। मंसूरपुर थाना क्षेत्र में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) की रेलवे लाइन से 326 पेंड्रोल क्लिप चोरी किए जाने का मामला सामने आया है। यह चोरी मालगाड़ियों की आवाजाही के दौरान बड़े हादसे का कारण बन सकती थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन चोरों और एक कबाड़ी को गिरफ्तार कर पूरे प्रकरण का खुलासा कर दिया है।
पुलिस के अनुसार, मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव जडौदा निवासी मोहित, रोहित और निशु ने नए साल की पार्टी के लिए पैसों की व्यवस्था करने के उद्देश्य से रेलवे ट्रैक से पेंड्रोल क्लिप चोरी की। चोरी किया गया सामान बेचने के लिए उन्होंने भौरा कलां थाना क्षेत्र के गांव भौरा खुर्द निवासी कबाड़ी प्रवीण उर्फ भूरा से संपर्क किया, जो वर्तमान में सिविल लाइन थाना क्षेत्र की जनकपुरी कॉलोनी में रह रहा था।
पुलिस लाइन में हुआ खुलासा
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि 28 और 31 दिसंबर को मंसूरपुर क्षेत्र में डीएफसीसीआईएल की रेलवे लाइन से पेंड्रोल क्लिप चोरी की शिकायतें दर्ज हुई थीं। इसके बाद मंसूरपुर थाना पुलिस और रेलवे पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई।
ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ पकड़े गए आरोपी
पुलिस ने सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली में पेंड्रोल क्लिप ले जा रहे मोहित, रोहित, निशु और कबाड़ी प्रवीण उर्फ भूरा को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से 326 पेंड्रोल क्लिप के अलावा दो तमंचे और एक चाकू भी बरामद किया गया है।
मेरठ तक फैली चोरी की वारदातें
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने मंसूरपुर में दो घटनाओं के अलावा मेरठ के परतापुर में दो, जानी में एक और कंकरखेड़ा में भी पेंड्रोल क्लिप चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपियों से कुल छह चोरी की घटनाओं का खुलासा किया है। कबाड़ी प्रवीण पहले भी इस तरह का रेलवे सामान खरीद चुका है।
खेती की आड़ में कर रहे थे चोरी
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार तीनों आरोपी दिखावे के लिए खेती करते थे, जबकि चोरी की वारदातों में लगातार शामिल रहे हैं। उनके आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है। सफल कार्रवाई पर पुलिस टीम को 20 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है। प्रेसवार्ता के दौरान एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत और एसओ मंसूरपुर आनंद देव मिश्रा भी मौजूद रहे।
बोरी और GPS से मिली अहम सुराग
28 दिसंबर की रात चोरी की गई पेंड्रोल क्लिप को आरोपियों ने पास के एक खेत में छिपा दिया था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया। मौके से एक बोरी भी मिली थी, जिस पर “पवन सैनी” नाम लिखा हुआ था। इसी सुराग के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंच सकी।
इसके अलावा, पुलिस ने चोरी की गई क्लिप में GPS सिस्टम भी लगाया था। जैसे ही आरोपी क्लिप ले जाने पहुंचे, लोकेशन ट्रेस कर पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। जांच में यह भी सामने आया कि मौके से मिली बोरी गिरफ्तार आरोपी मोहित के पिता के नाम की थी और बरामद ट्रैक्टर-ट्रॉली भी मोहित की ही है।
पुलिस की सतर्कता से एक संभावित बड़े रेल हादसे को टालते हुए आरोपियों को समय रहते गिरफ्तार कर लिया गया।