‘अगर लव जिहाद है तो संसद में बहस क्यों नहीं?’ RSS प्रमुख के बयान पर ओवैसी का करारा प्रहार

एआईएमआईएम के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के ‘लव जिहाद’ संबंधी बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। ओवैसी ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि देश में वास्तव में ‘लव जिहाद’ जैसी कोई समस्या है, तो उस पर संसद में खुली चर्चा क्यों नहीं की जाती और अब तक इसके ठोस आंकड़े क्यों सामने नहीं लाए गए।

ओवैसी ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति बालिग है और अपनी इच्छा से जीवन से जुड़ा फैसला ले रहा है, तो उसमें किसी और की पसंद या नापसंद का कोई महत्व नहीं है। भारतीय कानून हर बालिग नागरिक को अपनी मर्जी से विवाह और जीवन के निर्णय लेने का अधिकार देता है। ऐसे में ‘लव जिहाद’ जैसे शब्दों के जरिए समाज में भ्रम और डर फैलाना गलत है।

उन्होंने केंद्र सरकार और RSS पर निशाना साधते हुए कहा, “अगर लव जिहाद हो रहा है तो संसद में इसकी तारीख तय कीजिए। पिछले 11 वर्षों का रिकॉर्ड पेश कीजिए। जिन राज्यों में आपकी सरकारें हैं, वहां लव जिहाद से जुड़े मामलों का ब्योरा दीजिए।” ओवैसी ने यह भी कहा कि सबसे पहले यह तय किया जाना चाहिए कि लव जिहाद की स्पष्ट परिभाषा क्या है।

ओवैसी ने तंज कसते हुए कहा कि यदि इसे परिभाषित किया गया, तो फिर अंतरधार्मिक विवाह करने वाले भाजपा नेताओं के मामलों में सरकार क्या रुख अपनाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी के निजी जीवन पर टिप्पणी नहीं कर रहे हैं, लेकिन इस मुद्दे के जरिए देश के वास्तविक और गंभीर मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है। “आज देश का युवा रोजगार की तलाश में है, लेकिन उसे ऐसे विवादों में उलझाया जा रहा है,” उन्होंने कहा।

RSS प्रमुख मोहन भागवत का बयान
गौरतलब है कि RSS प्रमुख मोहन भागवत ने भोपाल में आयोजित ‘स्त्री शक्ति संवाद’ कार्यक्रम के दौरान कथित लव जिहाद को लेकर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परिवारों के भीतर संवाद को मजबूत करना बेहद जरूरी है। उनके अनुसार, परिवार के सदस्यों के बीच संवाद की कमी के कारण ही इस तरह की समस्याएं सामने आती हैं।

भागवत ने यह भी कहा था कि परिवारों को इस बात के प्रति सतर्क रहना चाहिए कि उनकी बेटियों को कोई अजनबी बहला-फुसला न सके। उन्होंने कहा कि जब परिवार में नियमित बातचीत और संवाद होता है, तो धर्म, संस्कृति और परंपराओं के प्रति सम्मान स्वाभाविक रूप से विकसित होता है।

कथित लव जिहाद को रोकने के उपायों पर चर्चा करते हुए RSS प्रमुख ने कहा था कि परिवार में निरंतर संवाद, लड़कियों में सतर्कता और आत्मरक्षा की भावना विकसित करने से ऐसी घटनाओं पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने सामाजिक संगठनों से भी समाज को जागरूक करने और सामूहिक प्रतिरोध के लिए आगे आने की अपील की थी।

बीएमसी चुनावों पर ओवैसी की टिप्पणी
इस दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यदि कहीं डराने-धमकाने या पैसों के दम पर निर्विरोध चुनाव कराए जा रहे हैं, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है। ओवैसी के मुताबिक, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव ही लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे मजबूत नींव होते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *