देहरादून। उत्तराखंड के कुमाऊं रेंज में पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रिद्धिम अग्रवाल ने रेंज के विभिन्न जिलों में तैनात 526 पुलिसकर्मियों का तबादला करते हुए संबंधित अधिकारियों को उन्हें जल्द से जल्द कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए हैं।
आईजी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, स्थानांतरण सूची में 23 उपनिरीक्षक (दरोगा), 9 सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई), 92 हेड कांस्टेबल और 357 कांस्टेबल शामिल हैं। इन पुलिसकर्मियों को कुमाऊं रेंज के अलग-अलग जिलों में तैनाती दी गई है।
आईजी ने अल्मोड़ा, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के एसएसपी तथा पिथौरागढ़, बागेश्वर और चंपावत के एसपी को निर्देश दिए हैं कि सभी स्थानांतरित कर्मियों को तय समय के भीतर कार्यमुक्त कर इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाए। पुलिस विभाग का मानना है कि इन तबादलों से कई जिलों में पुलिस बल की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी और कानून-व्यवस्था को बेहतर ढंग से संचालित किया जा सकेगा।
पुराने जिलों से मोह नहीं छोड़ रहे 124 दरोगा
आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने उन 124 दरोगाओं पर नाराजगी जताई है, जिनका पिछले वर्षों में स्थानांतरण होने के बावजूद अब तक उन्हें रिलीव नहीं किया गया। जानकारी के मुताबिक इन दरोगाओं के तबादले वर्ष 2021, 2024 और 2025 में किए गए थे, लेकिन वे अब तक अपने पुराने जिलों में ही तैनात हैं।
बताया जा रहा है कि ऊधमसिंह नगर के एक दरोगा का तबादला वर्ष 2021 में हुआ था, लेकिन अब तक उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया गया है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आईजी ने ऐसे 124 दरोगाओं की चार अलग-अलग सूचियां बनाकर संबंधित जिलों के पुलिस कप्तानों को भेज दी हैं।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
आईजी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 10 अप्रैल तक सभी स्थानांतरित पुलिसकर्मियों को हर हाल में रिलीव किया जाए। यदि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जनपद प्रभारी अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने चेतावनी दी है कि यदि आदेशों के पालन में शिथिलता बरती गई तो इसे अनुशासनहीनता माना जाएगा और संबंधित पुलिसकर्मियों का वेतन रोकने तक की कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस विभाग के इस बड़े फैसले से कुमाऊं रेंज में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।